उत्तराखंड में भूस्खलन से कैलास मानसरोवर यात्रा प्रभावित
भूस्खलन से पिथौरागढ़ में तबाही
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। कूलागाड़ और मलघाट क्षेत्रों में पहाड़ों से गिरने वाले बड़े पत्थरों ने धारचूला-तवाघाट नेशनल हाईवे पर कूलागाड़ बेली ब्रिज को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इस आपदा के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग और आदि कैलास रूट पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है।
पुल के क्षतिग्रस्त होने और सड़क के अवरुद्ध होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र की व्यास, दारमा और चौंदास घाटियों के 12 से अधिक गांवों का मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। इसके अलावा, मुनस्यारी तहसील के पांतो गांव में भू-धंसाव के कारण दो आवासीय मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।
श्रद्धालुओं का रेस्क्यू और प्रशासन की तैयारी
पोकलैंड मशीनों से श्रद्धालुओं का रेस्क्यू, सीमा सड़क संगठन मुस्तैद
मार्ग बाधित होने के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा के 9वें जत्थे के लगभग 47-48 तीर्थयात्री गुंजी क्षेत्र में फंस गए थे। जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने मिलकर सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला। यात्रियों को सीढ़ियों और पोकलैंड मशीनों की सहायता से उफनते नाले के पार कराया गया। वर्तमान में यात्रा का 10वां जत्था तिब्बत में है, जो 23 अगस्त तक भारत लौटने की उम्मीद है। सीमा सड़क संगठन कूलागाड़ में ह्यूम पाइप और सीमेंट ब्लॉक का उपयोग कर एक वैकल्पिक मार्ग बनाने में जुटा है, ताकि आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। हालांकि, मुख्य बेली ब्रिज को फिर से बनाने में 5 से 10 दिन का समय लग सकता है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट, राजस्व टीमें तैनात
मुनस्यारी के पांतो गांव में भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावितों को तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए स्थानीय राजस्व विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने खराब मौसम को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम हेल्पलाइन नंबर 8449305857 और पुलिस सेवा आपातकालीन नंबर 112 को सक्रिय कर दिया है।