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उत्तराखंड में सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक

उत्तराखंड में देहरादून और ऋषिकेश के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन हजार पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार ने सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति बनने तक कटाई स्थगित रखने का निर्णय लिया है। यह कदम नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। जानें इस परियोजना के बारे में और क्या कहा गया है।
 

पेड़ों की कटाई पर राज्य सरकार का निर्णय

उत्तराखंड: भनियावाला और ऋषिकेश के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन हजार पेड़ों की कटाई पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र से बातचीत के बाद इस कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि जब तक सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति और विश्वास का माहौल नहीं बनता, तब तक इस परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई नहीं की जाएगी।


देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर हाल के दिनों में नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों द्वारा उठाई गई चिंताओं और सुझावों को गंभीरता से लिया गया है। इसी के चलते देहरादून में तीन हजार पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई गई है।


देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है।

यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना…

— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 18, 2026



यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है। इस पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियों का पालन किया जा रहा था। परियोजना में वन्यजीव संरक्षण के लिए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास और छोटे वन्यजीवों के लिए विशेष कल्वट जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी आएगी।


राज्य सरकार ने कहा है कि विकास आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों से विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए। उच्च न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी। जब तक सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति नहीं बनती, तब तक पेड़ों की कटाई स्थगित रहेगी।

राज्य सरकार ने यह भी कहा कि उत्तराखंड की प्रकृति, जनभावनाएं और प्रदेश का विकास तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने हाल ही में देहरादून दौरे के दौरान पेड़ काटने का विरोध कर रहे लोगों से मुलाकात की थी और इस मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दिया था।