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उत्तराखंड में सपा का नया अध्यक्ष, कांग्रेस में हलचल

समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले अपने प्रदेश अध्यक्ष का बदलाव किया है, जिसमें महंत शुभम गिरी को हटाकर अब्दुल मतीन सिद्दीकी को नियुक्त किया गया है। इस निर्णय से कांग्रेस में नाराजगी फैल गई है, क्योंकि उन्हें लगता है कि सपा ने उन्हें कमजोर करने के लिए यह कदम उठाया है। उत्तराखंड में मुस्लिम और दलित वोटों का महत्व है, और कांग्रेस को उम्मीद है कि ये वोट उन्हें कई सीटें दिला सकते हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, जिससे राजनीतिक समीकरण और भी दिलचस्प हो गए हैं।
 

समाजवादी पार्टी का नेतृत्व परिवर्तन


समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले अपने प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव किया है। महंत शुभम गिरी को हटाकर अब्दुल मतीन सिद्दीकी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह निर्णय पिछले सप्ताह लिया गया था। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस पार्टी के नेता इस बदलाव से काफी नाराज हैं। उनका मानना है कि सपा ने कांग्रेस को कमजोर करने के लिए यह कदम उठाया है, क्योंकि उत्तराखंड में सपा का कोई मजबूत आधार नहीं है।


उत्तराखंड में मुस्लिम आबादी लगभग 14 से 15 प्रतिशत है, और मैदानी क्षेत्रों में मुस्लिम वोट महत्वपूर्ण होता है। कांग्रेस को उम्मीद है कि मुस्लिम और दलित वोट मिलकर उन्हें कई सीटें दिला सकते हैं। हालांकि, ब्राह्मण अध्यक्ष को बदलकर मुस्लिम अध्यक्ष बनाने से राजनीतिक माहौल में बदलाव आया है।


जहां सपा ने उत्तराखंड में यह कदम उठाया, वहीं कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। इमरान मसूद, जो सपा के साथ सीटों की मांग करने में सबसे मुखर रहे हैं, अब कांग्रेस के साथ हैं। इस बीच, अखिलेश यादव ने उनके दामाद को अपनी पार्टी में शामिल किया है। यह सब मिलकर सीटों के बंटवारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।