उत्तराखंड में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
उत्तराखंड: राज्य सरकार सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है, ताकि स्वच्छ ऊर्जा क्रांति को प्रदेश में साकार किया जा सके। इस संदर्भ में, काउंसिल ऑफ एनर्जी एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) द्वारा एक सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य जनता को सौर ऊर्जा के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इस पुस्तिका का विमोचन मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने किया। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक स्मारिका का विमोचन नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
सीएम धामी ने आगे कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में, सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन गई है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में चल रही 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' के तहत उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जो अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक स्मारिका पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल,… pic.twitter.com/MdKicY2dS7
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) May 28, 2026
उन्होंने बताया कि राज्य ने 40,000 रूफटॉप सोलर संयंत्रों का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया है, जिसमें लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उत्तराखंड अब पीएम सूर्य घर योजना को सफलतापूर्वक लागू करने में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो चुका है। सीएम धामी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि की है।
उत्तराखंड ने लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। यह ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। सीएम ने यूपीसीएल, ऊरेडा और अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखंड की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सौर कौथिग, जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक और अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता का माहौल तैयार किया है। सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना नहीं, बल्कि हर नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों के विद्युत व्यय में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।