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उधमपुर में बस पलटने से 10 लोगों की मौत, हादसे की जांच जारी

उधमपुर में एक गंभीर बस दुर्घटना में 10 लोगों की मौत की आशंका है। घटना के बाद से राहत कार्य जारी है, और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्थिति का जायजा लिया है। चश्मदीदों के अनुसार, ड्राइवर ने तेज गति से गाड़ी चलाई थी, जिससे बस पलट गई। गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें पूरा लेख।
 

उधमपुर बस दुर्घटना


उधमपुर में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें रामनगर क्षेत्र के कघोट गांव के पास एक यात्री बस पलट गई। यह बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी, जब अचानक यह नियंत्रण खोकर सड़क से उतर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।


मौतों की संख्या में वृद्धि की आशंका

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस दुर्घटना में जान का बड़ा नुकसान हो सकता है। अनुमान है कि 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू किया गया, और टीमें पीड़ितों की सहायता के लिए मौके पर पहुंच गईं।


केंद्रीय मंत्री का बयान

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन से संपर्क किया है। उन्होंने स्थिति का जायजा लेने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए डिप्टी कमिश्नर मिंगा शेरपा से बात की।


सिंह ने कहा कि हादसे की सूचना लगभग एक घंटे पहले मिली थी, और तब से इमरजेंसी सेवाएं बचाव कार्य में सक्रिय हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भेजा जा रहा है।


गंभीर घायलों के लिए एयरलिफ्ट की व्यवस्था

घटना की गंभीरता को देखते हुए, गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है। मंत्री स्थानीय अधिकारियों और मौके पर मौजूद टीमों के साथ लगातार संपर्क में हैं।


चश्मदीद गवाह की चिंताएं

एक घायल व्यक्ति, देस राज, जो वर्तमान में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन हैं, ने बताया कि ड्राइवर तेज गति से गाड़ी चला रहा था। उन्होंने कहा कि बस एक तीखे मोड़ पर नियंत्रण खो बैठी और पलट गई।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बस ओवरलोड थी, जिसमें कई यात्री खड़े थे, जिससे यह दुर्घटना और भी गंभीर हो गई।


रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

रेस्क्यू और राहत कार्य अभी भी जारी हैं, और अधिकारी अधिक जानकारी इकट्ठा करने में लगे हुए हैं। मरने वालों की सही संख्या की पुष्टि पूरी जांच के बाद की जाएगी।