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उपायुक्त ने गैस सिलेंडर निगरानी के लिए नए निर्देश जारी किए

उपायुक्त डा. मुनीश नागपाल ने जिले में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की है। उन्होंने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित करें और उपभोक्ताओं की सूची चस्पा करें। इससे लोगों को सिलेंडर वितरण में आसानी होगी और अफवाहों से बचा जा सकेगा। इस संबंध में बैठक में कई अधिकारियों ने भाग लिया।
 

गैस सिलेंडर की उपलब्धता और निगरानी


  • प्रतिदिन चस्पा होगी सिलेंडर वितरण उपभोक्ताओं की सूची


गैस सिलेंडर निगरानी (चरखी दादरी)। जिले में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, इसलिए लोगों को अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है। उपायुक्त डा. मुनीश नागपाल ने सभी आठ एजेंसियों की निगरानी के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसके साथ ही, संबंधित एसडीएम को अपने क्षेत्र का नोडल अधिकारी बनाया गया है। शुक्रवार को उपायुक्त ने सभी अधिकारियों और एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी एजेंसियों को अपने पास उपलब्ध स्टॉक की जानकारी अपने परिसर के बाहर प्रदर्शित करनी चाहिए। इसके साथ ही, जिन उपभोक्ताओं को अगले दिन सिलेंडर दिए जाने हैं, उनकी सूची भी पहले दिन रात को या सुबह जल्दी बाहर लगानी चाहिए। इससे एजेंसी के बाहर भीड़ नहीं होगी और लोगों को पता चलेगा कि सिलेंडर किसे मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव का पालन सभी एजेंसियों को करना होगा।


उपायुक्त ने कहा कि एसडीएम योगेश सैनी और आशीष सांगवान अपने-अपने क्षेत्रों में गैस वितरण की निगरानी और समीक्षा के लिए नोडल अधिकारी होंगे। इसके अलावा, खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सभी एजेंसियों का स्टॉक और रिकॉर्ड प्रतिदिन मिलान करेंगे। उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में जिले में 3375 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जो कि मांग 2233 से अधिक हैं। इसके अलावा, प्रतिष्ठानों में उपयोग के लिए 144 व्यवसायिक सिलेंडर भी उपलब्ध हैं। इस संबंध में वितरण निर्धारण के लिए एक समिति का गठन किया गया है।


बैठक में एसडीएम योगेश सैनी, डीएफएससी नीतू, डीएसपी धीरज कुमार और गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।