उपेंद्र द्विवेदी का पाकिस्तान को कड़ा संदेश: आतंकवाद का समर्थन जारी रहा तो गंभीर परिणाम होंगे
सेना प्रमुख का सख्त बयान
नई दिल्ली: उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान के प्रति अपनी कड़ी स्थिति व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि पड़ोसी देश आतंकवाद को समर्थन देना जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह केवल नक्शे पर रहना चाहता है या इतिहास में विलीन होना चाहता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों पर फिर से चर्चा हो रही है।
मानेकशॉ सेंटर में संवाद
शनिवार को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में एक संवाद कार्यक्रम के दौरान जनरल द्विवेदी से पूछा गया कि यदि भविष्य में ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं जैसी पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर से पहले थीं, तो भारतीय सेना की प्रतिक्रिया क्या होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पाकिस्तान आतंकियों को शरण देना और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देना जारी रखता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जनरल द्विवेदी ने संकेत दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ पहले से अधिक निर्णायक नीति पर कार्य कर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ
यह टिप्पणी ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के कुछ दिन बाद आई है, जो पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। 22 अप्रैल को हुए हमले में कई लोगों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए थे।
भारतीय सेना की कार्रवाई
भारतीय सेना ने दावा किया था कि इस ऑपरेशन के दौरान कई लॉन्च पैड और आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। इसके बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे दोनों देशों के बीच लगभग चार दिनों तक तनावपूर्ण सैन्य संघर्ष चला। यह टकराव 10 मई की शाम युद्धविराम समझौते के साथ समाप्त हुआ।
पाकिस्तान की बातचीत की इच्छा
हाल के दिनों में पाकिस्तान ने भारत के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने भारत में संवाद की मांग को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खुला रहे, लेकिन भारत सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल द्विवेदी का बयान पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। भारत अब सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ पहले से अधिक आक्रामक और स्पष्ट रणनीति अपनाता दिखाई दे रहा है।