×

उमर अब्दुल्ला ने सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के बयान की आलोचना की

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सिंधु जल संधि पर दिए बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस संधि के कारण भारत अपने जल संसाधनों का सही उपयोग नहीं कर पा रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की और इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने का आश्वासन दिया। उमर ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी लंबी पदयात्रा की योजना बना रही है, जिससे लोगों को जम्मू-कश्मीर के मुद्दों की याद दिलाई जा सके।
 

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया


नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा सिंधु जल संधि पर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस संधि के कारण भारत अपने जल संसाधनों का सही उपयोग नहीं कर पा रहा है। उमर ने पाकिस्तान के कश्मीर के प्रति सहानुभूति जताने के दावे पर भी सवाल उठाए, यह पूछते हुए कि पानी के मुद्दे पर उनकी चिंता कहां जाती है। उन्होंने संधि को रद्द करने और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की।


सिंधु जल संधि का प्रभाव

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भारत लंबे समय से मानता है कि सिंधु जल संधि के कारण उसके नदी संसाधनों का उचित उपयोग नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी कहा कि ये नदियां भारत की हैं और इन पर भारत का पहला अधिकार होना चाहिए। उमर ने बताया कि छह नदियों में से तीन भारत के हिस्से में हैं, जबकि तीन पाकिस्तान को मिली हैं।


पाकिस्तान की चिंता पर सवाल

पानी पर पाकिस्तान की कश्मीर चिंता कहां?


उमर ने पाकिस्तान के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें वह खुद को कश्मीरियों का हितैषी बताता है। उन्होंने कहा कि जब पानी और नदी संसाधनों की बात आती है, तब पाकिस्तान की यह चिंता क्यों नहीं दिखाई देती। उनके अनुसार, संधि के कारण चिनाब से पीने का पानी लेने, तुलबुल परियोजना को आगे बढ़ाने और नदियों पर बड़े जल भंडारण ढांचे बनाने की संभावनाएं प्रभावित हुई हैं।


राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग

राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग


उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा। जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन केवल शुरुआत है और आगे भी कई कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य का दर्जा बहाल करने के पुराने आश्वासन को 'सुपर प्रॉमिस' बताया।


लंबी पदयात्रा की योजना

‘लंबी पदयात्रा’ की तैयारी का संकेत


उमर ने कहा कि उनकी पार्टी आगे की रणनीति पर चर्चा करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी लंबी पदयात्रा की योजना बना रही है। उनका कहना था कि ऐसी यात्रा के जरिए देश को यह याद दिलाना जरूरी है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से क्या वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य के दर्जे का मुद्दा लगातार उठाया जाएगा और इसके लिए उपलब्ध विकल्पों पर विचार किया जाएगा।


सुखबीर बादल पर हमले की निंदा

सुखबीर बादल पर हमले की निंदा


उमर ने श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने उनकी जेड-प्लस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसी सुरक्षा के बावजूद उन पर दोबारा हमला कैसे हुआ। उमर ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक या व्यक्तिगत असहमति का जवाब हिंसा नहीं हो सकता। किसी व्यक्ति पर हमला करना गंभीर और खतरनाक प्रवृत्ति है।