ऋषिकांत सिंह ने कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के लिए रजत पदक जीता
ऋषिकांत सिंह का शानदार प्रदर्शन
नई दिल्ली - भारत के युवा वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ खेलों में पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया। उन्होंने कुल 264 किलोग्राम (स्नैच में 121 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम) वजन उठाकर यह उपलब्धि प्राप्त की। स्नैच स्पर्धा में 121 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने एक नया कॉमनवेल्थ खेल रिकॉर्ड भी बनाया।
ऋषिकांत कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीतने वाले मणिपुर के पहले पुरुष वेटलिफ्टर बन गए हैं। यह ग्लासगो खेलों में भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले, पैरा पावरलिफ्टिंग की पुरुष हैवीवेट स्पर्धा में झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला था।
स्नैच स्पर्धा में ऋषिकांत ने शुरुआत से ही अपनी ताकत दिखाई। उन्होंने पहले प्रयास में 118 किलोग्राम, दूसरे में 119 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 121 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर नया खेल रिकॉर्ड बनाया। तीसरे प्रयास के दौरान उनके दाहिने कंधे पर हल्का दबाव दिखाई दिया, लेकिन उनकी तकनीक और संतुलन ने उन्हें रिकॉर्ड बनाने में मदद की।
क्लीन एंड जर्क में, ऋषिकांत ने पहले प्रयास में 143 किलोग्राम वजन उठाया। इसके बाद उन्होंने 148 किलोग्राम का प्रयास किया, लेकिन उसमें सफल नहीं हो सके। उनके कुल 264 किलोग्राम के प्रदर्शन के बावजूद, मलेशिया के मोहम्मद अनिक बिन कस्डन ने 273 किलोग्राम (स्नैच 124 किलोग्राम, क्लीन एंड जर्क 149 किलोग्राम) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुल 9 किलोग्राम का अंतर रहा।
ऋषिकांत का यह प्रदर्शन भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रजत पदक के साथ-साथ खेलों का रिकॉर्ड अपने नाम कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान को और मजबूत किया।