×

एंडी बर्नहैम बने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री

एंडी बर्नहैम ने सोमवार को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। वह पिछले 10 वर्षों में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बने हैं। बर्नहैम ने पहले कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में कार्य किया है और अब वह महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। बिना मतदान के उन्हें पार्टी का नेता चुना गया है। जानें उनके भारत यात्रा के अनुभव और ब्रिटेन की वर्तमान चुनौतियों के बारे में।
 

एंडी बर्नहैम का प्रधानमंत्री बनना


एंडी बर्नहैम ने सोमवार को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वह पिछले एक दशक में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले, शुक्रवार को लेबर पार्टी ने उन्हें अपना नया नेता चुना था। बर्नहैम ने 2001 में पहली बार सांसद के रूप में चुनाव जीता था।


महत्वपूर्ण मंत्रालयों का अनुभव

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्रियों टोनी ब्लेयर और गॉर्डन ब्राउन के समय में, बर्नहैम ने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में कार्य किया। उन्होंने अपनी सरकार के माध्यम से देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव का वादा किया है। उनका ध्यान महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता पर केंद्रित रहेगा।


बिना मतदान के बने नेता

बर्नहैम को लेबर पार्टी के 379 सांसदों का समर्थन प्राप्त हुआ। वह एकमात्र ऐसे उम्मीदवार थे जो आवश्यक संख्या तक पहुंचे, इसलिए बिना मतदान के उन्हें पार्टी का नेता घोषित किया गया। उन्होंने मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर संसद में वापसी की थी, जिसका परिणाम 19 जून को आया था।


भारत यात्रा का अनुभव

बर्नहैम ने सात साल पहले भारत की यात्रा को सुखद बताया था, जिसमें उन्होंने मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली का दौरा किया था। यह यात्रा मैनचेस्टर इंडिया पार्टनरशिप के तहत आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य व्यवसायों और विश्वविद्यालयों को भारत से जोड़ना था। उन्होंने कहा था कि ग्रेटर मैनचेस्टर की अंतरराष्ट्रीय रणनीति में भारत एक महत्वपूर्ण बाजार है।


ब्रिटेन की चुनौतियाँ

56 वर्षीय बर्नहैम ऐसे समय में प्रधानमंत्री बने हैं जब ब्रिटेन कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जैसे धीमी आर्थिक वृद्धि, सार्वजनिक सेवाओं का खराब प्रदर्शन और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएँ। उन्हें अपनी नई कैबिनेट का गठन भी करना है।