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एनआईए ने पहलगाम आतंकी हमले में हाफिज सईद की भूमिका का किया खुलासा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में हाफिज सईद की महत्वपूर्ण भूमिका का खुलासा किया है। चार्ज शीट में पाकिस्तान की संलिप्तता और आतंकियों के बीच संपर्क के तकनीकी साक्ष्य भी शामिल हैं। एनआईए का कहना है कि यह हमला सुनियोजित था और इसके पीछे एक संगठित आतंकी नेटवर्क सक्रिय था। जानें इस मामले में और क्या जानकारी सामने आई है।
 

आतंकी हमले की जांच में एनआईए की नई कार्रवाई


नई दिल्ली: पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एजेंसी ने जम्मू की अदालत में दायर चार्ज शीट में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद को साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया है और पाकिस्तान की भूमिका का विस्तृत उल्लेख किया है।


हाफिज सईद पर एनआईए की कार्रवाई

एनआईए की चार्ज शीट में हाफिज सईद को व्यक्तिगत रूप से और लश्कर-ए-तैयबा तथा उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट के प्रमुख के रूप में आरोपी ठहराया गया है। यह चार्ज शीट पिछले वर्ष दिसंबर में दाखिल की गई मुख्य चार्जशीट का विस्तार है, जिसमें नए साक्ष्य और जांच के निष्कर्ष शामिल किए गए हैं। एनआईए का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, घटनास्थल पर जुटाए गए प्रमाण और तकनीकी विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि हमले की साजिश सीमापार बैठकर रची गई थी। एजेंसी ने सईद पर आतंकवाद से जुड़े प्रावधानों के तहत भारत के खिलाफ युद्ध जैसी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप भी लगाए हैं।


पाकिस्तान कनेक्शन की जांच में संकेत

जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पहलगाम हमला पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा किया गया था। पहले आरोपपत्र में तीन पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान की गई थी, जिनमें से एक बाद में सुरक्षा बलों के अभियान में मारा गया। एनआईए के अनुसार, हमले की योजना, आतंकियों की आवाजाही, हथियारों की आपूर्ति और संपर्क व्यवस्था पाकिस्तान में बैठे संचालकों के निर्देश पर संचालित की गई। मोबाइल फोन, डिजिटल चैट और लोकेशन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों ने जांच को मजबूत आधार प्रदान किया है। एजेंसी का दावा है कि बरामद उपकरणों और डेटा से आतंकियों तथा उनके आकाओं के बीच लगातार संपर्क के प्रमाण मिले हैं।


हमले की साजिश और आगे की जांच

एनआईए के अनुसार, हमले से पहले आतंकियों ने स्थानीय स्तर पर सहायता प्राप्त की थी और बैसरन क्षेत्र के आसपास कई घंटे बिताए थे। जांच में यह भी सामने आया कि आतंकियों को इलाके की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। एजेंसी ने कहा कि उपलब्ध सबूतों से यह निष्कर्ष निकलता है कि पूरा हमला सुनियोजित था और इसके पीछे संगठित आतंकी नेटवर्क सक्रिय था। एनआईए अभी भी मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि साजिश में शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने लाई जा सके। एजेंसी का मानना है कि इस हमले के पीछे मौजूद पूरे तंत्र को उजागर करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।