☰
×

एनआरएचएम घोटाले की जांच में तेजी, पूर्व विधायक की फर्मों पर नजर

प्रवर्तन निदेशालय ने एनआरएचएम घोटाले की जांच को तेज कर दिया है, जिसमें पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव की फर्मों की भूमिका की जांच की जा रही है। अगले सप्ताह पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इसके अलावा, उनके भाई अजय श्रीवास्तव की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एनआरएचएम की योजनाओं के तहत ठेकों और सप्लाई कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि किन नियमों का उल्लंघन किया गया।
 

जांच की प्रक्रिया में तेजी

लखनऊ : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एनआरएचएम घोटाले की जांच को और तेज कर दिया है। इस मामले में आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप की कंपनियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों को अगले सप्ताह नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से पूर्व विधायक की कंपनियों को दिए गए कार्यों से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भी मांगी गई है।


अजय श्रीवास्तव की भूमिका पर सवाल

पूर्व विधायक के भाई की जांच में संलिप्तता

ईडी की जांच में पूर्व विधायक के भाई अजय श्रीवास्तव की भूमिका भी शामिल है। विजिलेंस ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज किया था। दोनों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्तियां मिली थीं। ईडी ने उनकी संपत्तियों का ब्योरा भी लिया है।


एनआरएचएम योजनाओं की जांच

वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच एनआरएचएम की विभिन्न योजनाओं के तहत लिए गए ठेकों और सप्लाई कार्यों से संबंधित दस्तावेजों को इकट्ठा किया गया है। इन दस्तावेजों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यह देखा जाएगा कि किन नियमों का उल्लंघन कर कार्य आवंटित और भुगतान किए गए थे, और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी थी। पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों की आठ से अधिक कंपनियों पर किए गए कार्यों की भी जांच की जा रही है। इन कंपनियों के संचालकों से भी पूछताछ की जाएगी।