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एनएचपीसी ने फरीदाबाद में मनाया भव्य वसंत उत्सव 2026

एनएचपीसी ने फरीदाबाद में 'वसंत उत्सव 2026' का भव्य आयोजन किया, जिसमें अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने वसंत ऋतु की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं और विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। यह उत्सव भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को दर्शाने के साथ-साथ स्थानीय कला को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।
 

वसंत उत्सव का आयोजन

फरीदाबाद: भारत की 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी एनएचपीसी ने अपने आवासीय परिसर में 'वसंत उत्सव 2026' का शानदार आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री भूपेन्द्र गुप्ता और एनएचपीसी महिला कल्याण समिति की अध्यक्षा श्रीमती शिखा गुप्ता ने किया।


इस अवसर पर निदेशक (कार्मिक) श्री उत्तम लाल, निदेशक (परियोजनाएं) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी) श्री सुप्रकाश अधिकारी और एनएचपीसी महिला कल्याण समिति की सदस्याएं श्रीमती मोना लाल, श्रीमती गरिमा सिंह और श्रीमती सोमा अधिकारी भी उपस्थित थीं।


उद्घाटन के बाद, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री भूपेन्द्र गुप्ता ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को वसंत ऋतु की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वसंत नई ऊर्जा, उमंग और आशा का प्रतीक है। सर्दियों के बाद जब प्रकृति में नवजीवन का संचार होता है, तो यह संदेश मिलता है कि परिवर्तन ही जीवन का आधार है और निरंतर आगे बढ़ना ही प्रगति का मार्ग है।


उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष एनएचपीसी के लिए उपलब्धियों और सकारात्मक बदलावों का वर्ष रहा। कंपनी ने अपने लक्ष्यों को न केवल हासिल किया, बल्कि कई क्षेत्रों में अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन भी किया। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि एनएचपीसी आने वाले समय में भी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएगी।


उत्सव के दौरान मथुरा के स्थानीय कलाकारों ने लोकगीत और लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और असम सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एनएचपीसी के पावर स्टेशनों, परियोजनाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए।


वसंत उत्सव के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ स्थानीय कला एवं शिल्प को प्रोत्साहन देने का संदेश भी दिया गया।