एनडीए की बैठक में पीएम मोदी ने साझा की उपलब्धियों की कहानी
प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व में एनडीए की महत्वपूर्ण बैठक
नई दिल्ली: बुधवार को भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने और उनके लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सहयोगी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
पीएम मोदी का संबोधन: सामूहिक उपलब्धि का जिक्र
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह इस उपलब्धि को अपनी व्यक्तिगत सफलता नहीं मानते, बल्कि इसे एनडीए परिवार और देशवासियों की सामूहिक उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस लंबे राजनीतिक सफर में कई साथियों ने कर्तव्य भावना से योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने एनडीए द्वारा उनके सम्मान में पारित प्रस्ताव को सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि जनता के भरोसे और सहयोग के बिना इतनी लंबी सेवा संभव नहीं हो सकती थी।
सेवा को आध्यात्मिक साधना के रूप में देखा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सेवा उनके लिए केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। उन्होंने कहा कि मां भारती की सेवा का अवसर मिलना ईश्वर की विशेष कृपा है और उनके लिए जनता ही ईश्वर का स्वरूप है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह यात्रा कभी अकेले नहीं की गई, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास रहा है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर सहयोगी दलों तक सभी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने सभी साथियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
स्थिर सरकार की आवश्यकता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता ने राजनीतिक स्थिरता के महत्व को समझा है, और यही कारण है कि लोगों ने लगातार उन्हें सेवा का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश ने लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता का सामना किया, जिसका विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। अब जनता एक स्थिर और निर्णायक सरकार के कामकाज को देख रही है और उस पर भरोसा जता रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि एनडीए आने वाले समय में भी 'विकसित भारत' के लक्ष्य को लेकर नई ऊर्जा और संकल्प के साथ काम करता रहेगा।