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एनसीआर में डीजल और सीएनजी तीन पहिया वाहनों पर प्रतिबंध का ऐलान

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर में डीजल और सीएनजी से चलने वाले तीन पहिया वाहनों को हटाने का निर्णय लिया है। आयोग ने 2026 से केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण की योजना बनाई है। इसके अलावा, पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि पर भी चर्चा की गई। आयोग ने वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और पेड़ लगाने के लक्ष्य को भी निर्धारित किया है। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में और अधिक जानकारी।
 

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का महत्वपूर्ण निर्णय

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से डीजल और सीएनजी से चलने वाले तीन पहिया वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इन वाहनों के स्थान पर ई-ऑटो और सामान ढोने वाले वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोग ने यह भी तय किया है कि 1 अक्टूबर 2026 से केवल वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) वाले वाहनों को ही डीजल और पेट्रोल उपलब्ध कराया जाएगा।


 


आयोग की 28वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों का पंजीकरण होगा। गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में यह नियम 1 जनवरी 2028 से लागू होगा, जबकि एनसीआर के अन्य जिलों में 1 जनवरी 2019 से डीजल और सीएनजी से चलने वाले तीन पहिया वाहनों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।


पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि

पंजाब में पराली जलाने की सबसे अधिक घटनाएं


बैठक के दौरान, आयोग ने अप्रैल और मई के बीच पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि की समीक्षा की। आयोग ने बताया कि 1 अप्रैल से 15 मई के बीच पंजाब में पराली जलाने की 8,986 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 6,474 थी। हरियाणा में, पिछले वर्ष 1,503 घटनाएं थीं, जो इस बार बढ़कर 3,290 हो गई हैं। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है।


वायु गुणवत्ता निगरानी में सुधार

बढ़ाई जाएगी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन


आयोग ने दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों के नेटवर्क को बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत हरियाणा में 16, दिल्ली में 14, उत्तर प्रदेश में 15 और राजस्थान में एक नया स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव है। इन स्टेशनों की स्थापना के बाद कुल संख्या 157 हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 2026-27 में लगभग 4.60 करोड़ पेड़, झाड़ियां और बांस के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।