एपस्टीन फाइल्स: अमरीका में न्यायिक विभाग पर दबाव और खुलासे
अमरीका में एपस्टीन फाइल्स का खुलासा
30 जनवरी 2026 को एपस्टीन फाइल्स का खुलासा इसलिए हुआ क्योंकि अमरीका के सांसदों ने न्यायिक विभाग पर दबाव डाला। इस विभाग के पास अभी भी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ दबी हुई हैं। जब सांसद बारी-बारी से इन फाइलों का निरीक्षण करने जाते हैं, तो वे चौंक जाते हैं। इनमें विश्व के प्रमुख धनाढ्यों और राजनेताओं के नाम शामिल हैं।
हाल ही में इंग्लैंड के पूर्व युवराज प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी ने एपस्टीन फाइल्स में नामित मशहूर हस्तियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। यह एक ऐसा मामला है जो लगातार बढ़ता जा रहा है, और हर दिन नए नाम और उनके काले कारनामे सामने आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि न्यायिक विभाग ने इन फाइल्स के खुलासे के बाद भी शामिल हस्तियों से कोई पूछताछ नहीं की और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की। ऐसा लगता है कि उन पर अपने ही सत्ताधीशों का दबाव है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारत और अमरीका का मुख्यधारा का मीडिया एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी गंभीर जानकारियों को उतनी तत्परता से नहीं छाप रहा है जितना कि होना चाहिए। ऐसा प्रतीत होता है कि पैसे और शक्ति के दबाव में इन जानकारियों को दबाने का प्रयास जारी है। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग इस विषय पर सक्रिय हैं। जो लोग एपस्टीन फाइल्स के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, वे सोशल मीडिया पर 'Epstein Files' कीवर्ड खोज सकते हैं और चौंकाने वाली जानकारियाँ प्राप्त कर सकते हैं।
ये फाइल्स इतनी गंभीर हैं कि यदि इससे जुड़े शक्तिशाली व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई शुरू होती है, तो अमरीका की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। वर्तमान में, अमरीका के कई बड़े शहरों में नागरिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इन संदिग्ध फाइल्स में वीडियो फुटेज में ट्रम्प जैसी बड़ी हस्तियों को छोटी बच्चियों के साथ दिखाया गया है। हालांकि, बच्चियों के यौन शोषण के मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि जिन शक्तिशाली व्यक्तियों को पहले से ही यौन शोषण के मामलों में सजा मिल चुकी है, वे इन हस्तियों के साथ क्यों जुड़े रहे?
अब जानते हैं कि जेफरी एपस्टीन कौन था। वह एक अमेरिकी फाइनेंसर और सेक्स अपराधी था। न्यूयॉर्क में जन्मा एपस्टीन ने वॉल स्ट्रीट पर काम किया और बाद में अपनी खुद की फर्म खोली, जहां वह अरबपतियों के पैसे का प्रबंधन करता था। वह कई प्रमुख हस्तियों के साथ जुड़ा हुआ था, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रम्प शामिल हैं। उसके पास 'लोलिता एक्सप्रेस' नाम का प्राइवेट जेट और कई महल जैसे घर थे।
एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप थे। 2005 में फ्लोरिडा पुलिस ने उसकी जांच शुरू की, जब एक 14 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने उसे शोषण किया। दर्जनों नाबालिग लड़कियों ने बताया कि एपस्टीन उन्हें पैसे देकर बुलाता था और फिर यौन गतिविधियों में लिप्त होता था। उसकी सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल को भी आरोपित किया गया था और उसे 20 साल की सजा हुई।
2008 में एपस्टीन ने एक डील के तहत अपना दोष स्वीकार किया और 13 महीने जेल में बिताए। लेकिन 2019 में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया, इस बार सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों के तहत। हालांकि, जेल में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आधिकारिक रिपोर्ट में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन कई सवाल उठते हैं।
2025-2026 में अमेरिका में 'एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट' पास हुआ, जिसके बाद न्यायिक विभाग ने लाखों पृष्ठों के दस्तावेज, फोटो और वीडियो जारी किए। इनमें एपस्टीन और शक्तिशाली लोगों के बीच संवाद के ईमेल भी शामिल हैं। यह स्पष्ट है कि एपस्टीन अपने मेहमानों की गतिविधियों का रिकॉर्ड रखता था।
एपस्टीन की मौत के बावजूद, यह मामला अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़िताओं ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया है कि वे चुप नहीं रहेंगी और उन सभी हस्तियों के नाम उजागर करेंगी जिन्होंने उनका शोषण किया।