एफएसएसएआई ने 'ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट' पर भ्रामक दावों के लिए नोटिस जारी किया
एफएसएसएआई की कार्रवाई
नई दिल्ली - भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने उपभोक्ता की शिकायत के आधार पर एसएजे फूड प्रोडक्ट्स को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस कंपनी के 'ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट' के दावों से संबंधित है। एफएसएसएआई ने कंपनी को सात दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।
एक उपभोक्ता ने शिकायत की है कि उत्पाद के फ्रंट लेबल पर '100 प्रतिशत आटा' लिखा गया है, जबकि पैकेजिंग में केवल 72.33 प्रतिशत आटा होने का उल्लेख है। इस अंतर के कारण उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा सकता है, क्योंकि उत्पाद की वास्तविक सामग्री और लेबल पर दिए गए दावे में असंगति है।
एफएसएसएआई ने इस शिकायत की जांच के दौरान कई अनियमितताएं पाई हैं। सबसे पहले, '100 प्रतिशत आटा' का दावा भ्रामक पाया गया, क्योंकि इसमें अन्य सामग्री और एडिटिव्स भी शामिल हैं। इसके अलावा, एफएसएसएआई की एडवाइजरी के अनुसार, ऐसे '100 प्रतिशत' दावों को रोकने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है, जिसका पालन नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त, 'नो एडेड शुगर' का दावा भी गुमराह करने वाला पाया गया, क्योंकि बिस्किट में माल्टोडेक्सट्रिन और ग्लूकोज सिरप सॉलिड्स जैसी सामग्री भी मौजूद हैं।
एफएसएसएआई ने 'ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट' नाम पर भी सवाल उठाए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह के नामों के लिए वैज्ञानिक आधार होना आवश्यक है, जैसा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशन, 2018 में निर्धारित है। इस नियम के तहत स्वास्थ्य-संबंधी या फिटनेस का संकेत देने वाले नामों को प्रमाणित करना अनिवार्य है। एफएसएसएआई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कंपनी को यह बताना होगा कि क्यों न उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई की जाए।