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एफबीआई ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग के गैंगस्टर नीतीश कौशल को मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग के गैंगस्टर नीतीश कौशल को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया है। उन पर हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं। एफबीआई ने पहले 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत इस गैंग के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसमें कई देशों में छापेमारी की गई थी। जानें इस गैंग की गतिविधियों और नीतीश कौशल के खिलाफ चल रही जांच के बारे में।
 

एफबीआई की मोस्ट वांटेड सूची में नीतीश कौशल

वॉशिंगटन: अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े गैंगस्टर नीतीश कौशल को अपनी 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल किया है। एफबीआई के अनुसार, नीतीश कौशल पर अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य होने और कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप है।


एफबीआई के मुताबिक, नीतीश कौशल पर हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, रंगदारी, अवैध हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि जग्गू भगवानपुरिया गैंग की शुरुआत पंजाब से हुई थी और समय के साथ इसका नेटवर्क अमेरिका के कैलिफोर्निया सहित कई देशों तक फैल गया है।


जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि नीतीश कौशल ने गैंग के लिए अपहरण, हमले और अन्य हिंसक वारदातों को अंजाम दिया। 25 जून 2026 को अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की संघीय अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर Racketeer Influenced and Corrupt Organizations (RICO) Conspiracy के तहत मामला दर्ज किया गया है।


इससे पहले एफबीआई ने 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की थी। इस अभियान के दौरान 50 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया।


एफबीआई के अनुसार, 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट पर कार्रवाई करना है। इस अभियान में लारेंस बिश्नोई गैंग, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े कथित नेटवर्क भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं।


इससे पहले अमेरिकी ग्रैंड ज्यूरी ने अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको और भारत तक फैले एक कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का खुलासा किया था। आरोपपत्र में जग्गू भगवानपुरिया और उसके कई कथित सहयोगियों पर ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों के कारोबार, रंगदारी और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।