एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना की पहली बरसी पर श्रद्धांजलि
दुर्घटना की पहली बरसी पर श्रद्धांजलि
एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 की दुर्घटना की पहली वर्षगांठ पर, शुक्रवार को भारत और ब्रिटेन में एयरलाइन के कर्मचारियों ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी। यह भीषण विमान हादसा पिछले साल 12 जून को हुआ था, जिसमें 260 लोगों की जान गई थी। इस घटना ने न केवल विमानन उद्योग को झकझोर दिया, बल्कि कई परिवारों को भी गहरे सदमे में डाल दिया।
मौन रखने का निर्णय
एयर इंडिया ने उन यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और जमीन पर मारे गए लोगों की याद में दो मिनट का मौन रखने का निर्णय लिया, जो 1:39 बजे से 1:41 बजे तक रहेगा। कर्मचारियों को अपने कार्यस्थलों पर श्रद्धांजलि देने के लिए कहा गया, जबकि आवश्यक परिचालन सेवाओं में लगे कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की अनुमति दी गई।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन
एयरलाइन ने अपने मुख्यालय, प्रशिक्षण केंद्रों और दिल्ली, मुंबई तथा अहमदाबाद में विशेष श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया। इसके अतिरिक्त, लंदन के हीथ्रो और गैटविक हवाई अड्डों पर भी स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दिन मृतकों के परिजनों, एयरलाइन कर्मचारियों और विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें याद करते हुए संवेदनाएं व्यक्त कीं। एयर इंडिया ने कहा कि यह दिन उन सभी के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है जिन्होंने इस त्रासदी में अपनी जान गंवाई।
दुर्घटना का विवरण
12 जून 2025 को, एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी। विमान ने उड़ान भरने के प्रारंभिक चरण में ही नियंत्रण खो दिया और एक मेडिकल कॉलेज परिसर से टकरा गया।
इस दुर्घटना में विमान में सवार 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से 241 की मृत्यु हो गई, जबकि जमीन पर 19 अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई। कई लोग घायल हुए थे, जिन्हें लंबे समय तक चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी। इस हादसे में ब्रिटिश-भारतीय नागरिक विश्वास कुमार रमेश एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जो जीवित बचे, हालांकि उन्होंने अपने भाई को खो दिया।