एयर इंडिया के पायलट के खिलाफ कार्रवाई, उड़ान में सुरक्षा उल्लंघन का मामला
एयर इंडिया ने पायलट के खिलाफ सख्त कदम उठाए
एयर इंडिया ने फुकेत से दिल्ली की उड़ान से जुड़े एक मामले में कमांडिंग पायलट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पायलट के ड्रग टेस्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ की मौजूदगी पाई गई, जिसके बाद उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। यह कार्रवाई उस घटना के संदर्भ में की गई है, जिसमें विमान ने अचानक ऊंचाई खो दी थी।
पायलट की सेवाएं तुरंत समाप्त
एयर इंडिया ने शुक्रवार को पुष्टि की कि फुकेत से दिल्ली आ रही उड़ान के पायलट-इन-कमांड का परीक्षण सकारात्मक आया था। एयरलाइन ने सुरक्षा, चालक दल की फिटनेस और विमानन नियमों के उल्लंघन पर अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराया। इसी नीति के तहत संबंधित पायलट का रोजगार तुरंत समाप्त कर दिया गया। इस मामले को उड़ान सुरक्षा के लिए अत्यंत गंभीर माना जा रहा है।
उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक गिरावट
यह मामला 4 अगस्त को संचालित एयर इंडिया की उड़ान AI 2379 का है, जो फुकेत से दिल्ली आ रही थी। यह उड़ान एयरबस A320-251N द्वारा संचालित थी और इसमें 145 यात्री सवार थे, जिनमें दो पायलट और छह केबिन क्रू सदस्य शामिल थे। उड़ान के दौरान विमान अचानक लगभग 300 फीट नीचे चला गया। प्रारंभ में इसे टर्बुलेंस से संबंधित घटना माना गया, लेकिन बाद में इसे दुर्घटना के रूप में वर्गीकृत किया गया।
चिकित्सा सहायता की गई उपलब्ध
दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के उतरने के बाद 24 यात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। इनमें से चार लोगों की चोटें गंभीर बताई गई हैं। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कमांडिंग पायलट के ड्रग टेस्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ की पुष्टि का उल्लेख किया गया है। एजेंसी ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए DGCA से उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
AAIB कर रहा है विस्तृत जांच
AAIB ने बताया कि उनकी जांच टीम ने दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के फ्लाइट और केबिन क्रू से बातचीत की। इसके बाद दोनों पायलटों के बयान भी लिए गए। जांच एजेंसी वर्तमान में विभिन्न पक्षों से प्राप्त रिकॉर्ड, आंकड़ों और अन्य सबूतों का विश्लेषण कर रही है। AAIB ने साइकोएक्टिव पदार्थों के उपयोग को रोकने के लिए DGCA से आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। विस्तृत जांच के बाद घटना के कारणों और अन्य पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होगी।