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एलआईसी का संदिग्ध निवेश: राजेश एक्सपोर्ट में बढ़ता शेयरधारिता

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने हाल ही में राजेश एक्सपोर्ट में 10.8% शेयर खरीदे हैं, जबकि म्यूचुअल फंड कंपनियों ने इस कंपनी में कोई निवेश नहीं किया। यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि राजेश एक्सपोर्ट पर 15 लाख करोड़ रुपये की गड़बड़ी का आरोप है। जानें कैसे एलआईसी का यह निवेश उसके करोड़ों बीमाधारकों पर प्रभाव डाल सकता है और इससे पहले अडानी समूह में किए गए निवेश का क्या हुआ।
 

एलआईसी का निवेश और उसके प्रभाव


भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) देश की प्रमुख सरकारी कंपनियों में से एक है, जो करोड़ों लोगों की बचत को संभालती है। हाल के समय में, यह चिंता का विषय बन गया है कि एलआईसी का धन संदिग्ध कंपनियों में निवेश किया जा रहा है। पहले भी ऐसी खबरें आई थीं कि सरकार सार्वजनिक उपक्रमों के माध्यम से शेयर बाजार को प्रभावित करती है।


हाल ही में, एलआईसी ने राजेश एक्सपोर्ट में लगभग 10.8 प्रतिशत शेयर खरीदे हैं। पिछले एक दशक में, इस कंपनी में एलआईसी का निवेश पांच गुना बढ़ चुका है। यह ध्यान देने योग्य है कि इसी अवधि में म्यूचुअल फंड कंपनियों ने राजेश एक्सपोर्ट में लगभग कोई निवेश नहीं किया।


राजेश मेहता की कंपनी पर 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी का आरोप है। जब यह खबर सामने आई, तो राजेश एक्सपोर्ट के शेयर में 5 प्रतिशत और एलआईसी के शेयर में 1 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे पहले, एलआईसी ने अडानी समूह की कंपनियों में भी अपना निवेश बढ़ाया था, जिसके बाद हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के कारण अडानी के शेयरों में भारी गिरावट आई थी।