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एलसीए तेजस विमान की सुरक्षा पर एचएएल का स्पष्टीकरण

एचएएल ने एलसीए तेजस विमान की सुरक्षा को लेकर स्पष्टीकरण दिया है, जिसमें कहा गया है कि हाल की दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें गलत हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह घटना उड़ान के दौरान नहीं, बल्कि जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी समस्या थी। एचएएल ने सभी से अपील की है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी प्रकार की अटकलें न लगाई जाएं। जानें इस विमान की सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं के बारे में और क्या जानकारी दी गई है।
 

एलसीए तेजस विमान की स्थिति पर एचएएल का बयान

भारत का स्वदेशी फाइटर जेट, एलसीए तेजस, हाल ही में दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरों से मुक्त है। यह जानकारी सोमवार को आधिकारिक रूप से साझा की गई। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने इस विषय पर कुछ मीडिया रिपोर्टों का स्पष्टीकरण दिया है।


एचएएल ने कहा कि कुछ समाचारों में तथ्यों को लेकर भ्रम उत्पन्न हुआ है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि एलसीए तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की कोई घटना नहीं हुई है। यह विमान एचएएल द्वारा निर्मित है।


कंपनी ने बताया कि जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है, वह उड़ान के दौरान नहीं, बल्कि जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी समस्या थी। इसे नियमित रखरखाव के तहत तुरंत संभाल लिया गया। इस घटना से किसी भी प्रकार की गंभीर क्षति या जनहानि की सूचना नहीं है।


एचएएल ने यह भी कहा कि एलसीए तेजस दुनिया के सबसे सुरक्षित लड़ाकू विमानों में से एक है। यह विमान अत्याधुनिक तकनीक और उन्नत एवियोनिक्स के लिए जाना जाता है। एचएएल ने बताया कि तकनीकी पहलुओं का गहन विश्लेषण किया जा रहा है और भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर काम किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित समस्या का समाधान किया जा सके।


कंपनी ने सभी से अपील की है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी प्रकार की अटकलें न लगाई जाएं। एचएएल ने यह भी कहा कि तेजस कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय है।


इस वर्ष और पिछले वर्ष रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण अनुबंध हुए हैं, जिनमें 97 तेजस एलसीए एमके 1ए की खरीद का अनुबंध भी शामिल है। 17 अक्टूबर 2025 को रक्षा मंत्री ने एचएएल के नासिक परिसर में एलसीए एमके 1ए की तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया।


एलसीए एमके 1ए की वार्षिक उत्पादन क्षमता अब 24 विमानों तक पहुंच गई है। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) एचएएल को इस विमान के लिए इंजन की सप्लाई कर रही है।


जनरल इलेक्ट्रिक और एचएएल के बीच समझौते के तहत भारत को 113 जेट इंजन की सप्लाई की जाएगी, जो 2032 तक पूरी होने की संभावना है। दुबई एयर शो 2025 में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में यह विमान क्रैश हो गया था, जिसके बाद एचएएल ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया था।