ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की ऐतिहासिक कार्रवाई की पहली वर्षगांठ
भारतीय सेना की ऐतिहासिक कार्रवाई
नई दिल्ली: 22 अप्रैल और 7 मई, ये दो तिथियाँ हैं जो भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। पहली तारीख को पहलगाम में आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों की हत्या की थी, जबकि दूसरी तारीख को भारतीय सेना ने पाकिस्तान से प्रतिशोध लिया था। एक वर्ष पहले, भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन, जिसे ऑपरेशन सिंदूर कहा गया, को अंजाम दिया था।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था। इस हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जो लश्कर-ए-तैयबा का एक हिस्सा माना जाता है।
वीडियो में भारतीय सेना का साहस
1.30 मिनट का वीडियो जारी किया गया:
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने 1.30 मिनट का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण दिया गया है। इस वीडियो के माध्यम से भारतीय सेना ने यह संदेश दिया है कि वह अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। यहाँ देखें वीडियो-
राजनाथ सिंह का सशस्त्र बलों को सलाम
सशस्त्र बलों की वीरता को नमन:
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को सलाम किया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन राष्ट्रीय संकल्प और तत्परता का प्रतीक है, जो दर्शाता है कि संकट के समय में हमारे सशस्त्र बल हमेशा कार्रवाई के लिए तैयार रहते हैं। यहाँ देखें पोस्ट-
आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक हमले
सटीक हमलों की जानकारी:
भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और PoK में 9 प्रमुख आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा, और अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल थे। इन हमलों में लगभग 100 से 125 आतंकियों के मारे जाने का अनुमान है।
यह ऑपरेशन विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि भारत ने पहली बार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया। इस दौरान भारतीय सेना ने केवल आतंकियों के ठिकानों पर ध्यान केंद्रित किया, न कि किसी सैन्य या नागरिक ठिकानों पर।