ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की शक्ति और रणनीति का नया अध्याय
भारतीय सशस्त्र बलों का महत्वपूर्ण ऑपरेशन
भारतीय सशस्त्र बलों के उच्च अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर को देश के सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में वर्णित किया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या के एक वर्ष बाद, सेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों ने इस ऑपरेशन की रणनीतिक सफलता और उससे प्राप्त सबकों पर चर्चा की।
भारत की दृढ़ता का प्रतीक
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश भारती और वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने साझा किया कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद और उसके समर्थन तंत्र के खिलाफ भारत की मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक है। इस ऑपरेशन में भारत ने 13 पाकिस्तानी विमानों को नष्ट किया, 11 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त किया और 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया।
शहीदों को श्रद्धांजलि
पूर्व DGMO राजीव घई ने पहलगाम हमले में मारे गए 26 लोगों के परिवारों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। सरकार ने सेना को स्पष्ट दिशा-निर्देश और पेशेवर स्वतंत्रता प्रदान की, जिससे यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सैन्य रणनीति का नया मानक
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर को सैन्य दृष्टि से गोल्ड स्टैंडर्ड बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी रक्षा उपकरणों का उपयोग किया गया, जो आत्मनिर्भर भारत की ताकत को दर्शाता है।
वायुसेना की निर्णायक भूमिका
एयर मार्शल अवधेश भारती ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को फिलहाल रोका गया है, लेकिन भारतीय सेना की नीति हमेशा 'जीयो और जीने दो' की रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई हमारी शांति को कमजोरी समझता है, तो हम निर्णायक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।
नौसेना की समुद्री ताकत
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना ने बैटल कैरियर ग्रुप और पनडुब्बियों को तैनात किया। उन्होंने कहा कि नौसेना ने स्ट्राइक ऑपरेशंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पाकिस्तान के व्यापार मार्गों पर नियंत्रण स्थापित किया।
भारत की नई रक्षा नीति
ऑपरेशन सिंदूर ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सशस्त्र बल अब आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। तीनों सेनाओं के बीच समन्वय, स्वदेशी हथियारों का उपयोग और तेज जवाबी कार्रवाई इस अभियान की प्रमुख विशेषताएं थीं।