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ऑपरेशन सिंदूर: युद्ध की वास्तविकता पर जनरल नरवणे का बयान

पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि युद्ध कोई फिल्म नहीं है और भारतीय सेना ने संयम दिखाते हुए सही समय पर कार्रवाई की। इस ऑपरेशन का उद्देश्य स्पष्ट था और इसके माध्यम से भारत ने अपनी वैश्विक पहचान को मजबूत किया। जानें इस ऑपरेशन के पीछे की कहानी और जनरल नरवणे के विचार।
 

ऑपरेशन सिंदूर पर जनरल नरवणे का खुलासा


पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अक्सर उनसे पूछा जाता है कि इस ऑपरेशन को अचानक क्यों रोका गया। उनका उत्तर था कि युद्ध कोई फिल्म नहीं है। युद्ध करना सरल नहीं है। जब पाकिस्तान ने युद्धविराम का प्रस्ताव रखा, तब भी भारतीय सेना के पास पर्याप्त ताकत थी, लेकिन हमने संयम दिखाया।


सैन्य और राजनीतिक उद्देश्य स्पष्ट


जनरल नरवणे ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिक और सैन्य उद्देश्य स्पष्ट था। भारत को पता था कि मई 2025 में चार दिनों तक चलने वाले इस संघर्ष को कैसे समाप्त करना है। उन्होंने इसे 'दंडात्मक, सटीक और आनुपातिक' कार्रवाई बताया।


भारत की वैश्विक पहचान और संयम


पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा कि भारतीय सेना के संयम ने देश की वैश्विक पहचान को बढ़ाया है। अब भारत को एक जिम्मेदार और स्थिर देश माना जाता है, जो शांति की बात करता है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग करने से नहीं हिचकिचाता।


ऑपरेशन सिंदूर का कारण


ऑपरेशन सिंदूर का आरंभ अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, जिसमें कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया।