ऑस्कर पुरस्कारों में नए नियमों से भारतीय फिल्म उद्योग को मिली नई उम्मीद
नई दिल्ली में ऑस्कर के नियमों में बदलाव
नई दिल्ली: सिनेमा की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक, ऑस्कर, के संबंध में एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली सूचना सामने आई है। एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने 2027 में होने वाले 99वें ऑस्कर अवॉर्ड समारोह के लिए अपने नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं, जिसने फिल्म उद्योग को चकित कर दिया है। शुक्रवार को घोषित किए गए नए नियमों से न केवल हॉलीवुड, बल्कि भारतीय फिल्म निर्माताओं में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। अब एक ही देश से दो फिल्में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की श्रेणी में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी, जिससे भारत की ऑस्कर जीतने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।
एक ही श्रेणी में कई नॉमिनेशन की अनुमति
एकेडमी द्वारा किए गए सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनों में से एक एक्टिंग श्रेणी से संबंधित है। नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी अभिनेता या अभिनेत्री (चाहे वह लीड रोल में हो या सपोर्टिंग रोल में) एक ही श्रेणी में एक से अधिक फिल्मों के लिए नॉमिनेशन प्राप्त कर सकता है। हालांकि, इसके लिए एक विशेष शर्त है कि प्रदर्शन को कम से कम 5 वोट मिलने चाहिए। पहले के नियम काफी सख्त थे, जिसमें यदि किसी अभिनेता को शीर्ष पांच वोटों में से दो या तीन वोट मिलते थे, तो केवल उसी प्रदर्शन को नॉमिनेशन मिलता था जिसे सबसे अधिक वोट मिले थे। सरल शब्दों में, यदि कोई अभिनेता एक ही वर्ष में दो अलग-अलग फिल्मों में उत्कृष्ट अभिनय करता है, तो अब उसे बेस्ट एक्टर श्रेणी में दोनों फिल्मों के लिए नॉमिनेट किया जा सकेगा।
भारत के लिए नई संभावनाएं
ऑस्कर के इतिहास में लंबे समय से चला आ रहा 'एक देश, एक फिल्म' का नियम अब बदल दिया गया है। पहले हर देश से केवल एक ही आधिकारिक फिल्म बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की श्रेणी में भाग ले सकती थी। लेकिन अब इस नियम में बड़ी ढील दी गई है। अब कोई भी देश इस प्रतिष्ठित श्रेणी में दो फिल्में ऑस्कर के लिए भेज सकता है, बशर्ते दूसरी फिल्म ने किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में शीर्ष पुरस्कार जीता हो। इस बदलाव ने भारतीय फिल्म निर्माताओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, क्योंकि अब भारत के पास ऑस्कर के मंच पर अपनी दावेदारी मजबूत करने के दो अवसर होंगे।
डायरेक्टर के नाम पर होगी ट्रॉफी
इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में एक और महत्वपूर्ण बदलाव पुरस्कार के स्वामित्व को लेकर किया गया है। अब तक यह ऑस्कर तकनीकी रूप से उस देश या क्षेत्र को दिया जाता था जहां से फिल्म आती थी। उदाहरण के लिए, जब 'सेंटिमेंटल वैल्यू' ने यह पुरस्कार जीता था, तो रिकॉर्ड बुक में विजेता के रूप में नॉर्वे का नाम था, न कि फिल्म के निर्माता-निर्देशक जोआकिम ट्रायर का। लेकिन 99वें ऑस्कर से ऐसा नहीं होगा। अब ऑस्कर की ट्रॉफी और रिकॉर्ड बुक दोनों में विजेता फिल्म के डायरेक्टर का नाम अंकित किया जाएगा।
नए नियमों का उद्देश्य
एकेडमी ने ये सभी महत्वपूर्ण निर्णय ऑस्कर की चयन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने के लिए लिए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य नॉमिनेशन अभियान के दौरान होने वाली हेराफेरी पर रोक लगाना और किसी भी योग्य और बेहतरीन प्रदर्शन को केवल कड़े नियमों के कारण रेस से बाहर होने से बचाना है। पुराने नियमों के कारण कई बार ऐसा होता था कि एक ही अभिनेता के दो शानदार प्रदर्शन होने के बावजूद कम वोट वाला प्रदर्शन ऑस्कर की दौड़ से बाहर हो जाता था। नए नियमों के आने से अब किसी भी कलाकार के साथ अन्याय नहीं होगा और बेहतरीन काम को पूरा सम्मान मिल सकेगा।