×

ओडिशा कांग्रेस विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश में दो गिरफ्तार

ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को रिश्वत देने के प्रयास में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि ये लोग विधायकों से मिलने आए थे और उन्हें 5 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
 

राज्यसभा चुनावों में घोटाले का मामला


राज्यसभा चुनावों में घोटाले का मामला: ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को कथित तौर पर रिश्वत देने के प्रयास में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के कार्यालय के अनुसार, ये लोग उस रिसॉर्ट में पहुंचे थे, जहां ओडिशा कांग्रेस के विधायक ठहरे हुए थे, और उन्हें विधायकों से मिलने की कोशिश करते समय खाली चेक के साथ पकड़ा गया।


डीके शिवकुमार ने बताया कि ओडिशा से आए कुछ लोग कांग्रेस के एक विधायक से मिले और उन्हें वोट के बदले 5 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया। इनमें से दो लोग भागने में सफल रहे, जबकि दो को पकड़ लिया गया। उन्होंने कहा, 'ओडिशा से चार लोग हमारे विधायकों को तोड़ने आए थे। वे अपने साथ एक ब्लैंक चेक लेकर आए थे और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की मदद से ऑनलाइन कमरे बुक किए थे। वे रिसॉर्ट में आए और हमारे विधायकों से मिलने की कोशिश की, लेकिन हमारे विधायकों ने मना कर दिया।'


उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'विधायकों ने हमें इसकी सूचना दी और हमारे कार्यकर्ताओं ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया। ब्लैंक चेक के साथ ही, उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। उन्होंने हर विधायक को लगभग 5 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा था। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। शिकायत दर्ज कराई गई है, और कानून अपना काम करेगा।'


गौरतलब है कि ओडिशा कांग्रेस ने अपने विधायकों को बेंगलुरु के एक प्राइवेट रिसॉर्ट में भेजा है ताकि वे एकजुट रह सकें। पार्टी का प्रयास है कि विरोधी दल उनके विधायकों को अपने पाले में न कर सकें। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के आठ विधायकों और उनके परिवारों को बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी क्षेत्र में स्थित वंडरला रिसॉर्ट में भेजा गया है, जहां कांग्रेस शासित कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, ओडिशा के ये विधायक कांग्रेस के कर्नाटक डिप्टी सीएम की देखरेख में हैं।