ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल: खेती में नवाचार से मिली सफलता की नई कहानी
प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रसिद्ध रेडियो शो 'मन की बात' में ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल की सराहना की। उन्होंने उनकी एकीकृत खेती, नवाचार और आधुनिक दृष्टिकोण को ग्रामीण भारत के लिए प्रेरणादायक बताया।
एकीकृत खेती का सफल प्रयोग
सुंदरगढ़ जिले के निवासी हिरोद पटेल ने पारंपरिक खेती को नई तकनीकों के साथ मिलाकर एक नई सफलता की कहानी लिखी है। उन्होंने धान, केला और मछली पालन को एक साथ जोड़कर आय के कई स्रोत विकसित किए हैं, जिससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पारंपरिक ज्ञान का आधुनिक उपयोग
कृषक परिवार से होने के नाते, हिरोद ने अपने पिता से मिली खेती की शिक्षा को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया। आईटीआई प्रशिक्षित तकनीशियन होने के बावजूद, उन्होंने खेती को अपना मुख्य पेशा चुना। लगभग चार साल पहले शुरू किया गया उनका प्रयोग अब एक सफल कृषि मॉडल बन चुका है।
उन्होंने लगभग 14 एकड़ भूमि पर एकीकृत खेती प्रणाली अपनाई है, जिसमें धान की खेती के साथ बागवानी, फूलों की खेती और तालाबों में मछली पालन शामिल है।
अतिरिक्त आय के साधन
हिरोद ने खेत-तालाब की मेड़ों पर लौकी जैसी बेलदार फसलें लगाईं और जीआई तारों से ट्रेलिस सिस्टम तैयार किया। इस प्रयोग से उन्हें पहली ही फसल में लगभग 30 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई।
कृषि विभाग की मदद से बनाए गए दो तालाबों में मछली पालन कर वे सालाना करीब 80 हजार रुपये कमा रहे हैं। जिन निचली जमीनों में पहले पानी भर जाता था, उन्हीं को उन्होंने आय के साधन में बदल दिया।
फलदार पौधों से भविष्य की तैयारी
खेती में विविधता लाते हुए, उन्होंने नारियल, केला, बेर, अमरूद और आम जैसे फलदार पौधे भी लगाए हैं। ये पौधे तेजी से बढ़ रहे हैं और भविष्य में अतिरिक्त आय का मजबूत आधार बनेंगे।
सालाना टर्नओवर में वृद्धि
नवाचार, मेहनत और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के चलते, हिरोद पटेल का सालाना टर्नओवर अब 10 से 12 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। उनका मानना है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और सोच को जोड़ें, तो खेती भी एक लाभकारी व्यवसाय बन सकती है।
'मन की बात' में जिक्र के बाद उनकी सफलता की कहानी देशभर में चर्चा का विषय बन गई है और कई युवाओं को खेती की ओर प्रेरित कर रही है।