×

ओडिशा में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना से हड़कंप

ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक 5 वर्षीय बच्ची के साथ हुई बलात्कार की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने घर ले जाकर अपराध किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें इस मामले में आगे क्या हुआ।
 

मयूरभंज में जघन्य अपराध


ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक 5 वर्षीय नाबालिग के साथ हुई छेड़छाड़ और बलात्कार की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। यह घटना उस समय हुई जब बच्ची आंगनवाड़ी केंद्र में अपनी कक्षा में थी। इस घिनौने अपराध ने स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।


आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

पुलिस और परिवार के अनुसार, आरोपी चमका पालेया गांव का निवासी है। उसने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने घर ले जाने का प्रयास किया। घर में ले जाकर उसने कथित तौर पर अपराध को अंजाम दिया। बच्ची कुछ समय बाद सदमे में घर लौटी और अपनी मां को पूरी घटना बताई।


पुलिस की त्वरित कार्रवाई

परिवार ने तुरंत गांव के बुजुर्गों को इस घटना की जानकारी दी। बुजुर्गों ने मामले की चर्चा के लिए एक अनौपचारिक बैठक बुलाई, जिसमें आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। हालांकि, पीड़िता की मां ने समझौते की कोशिशों को अस्वीकार करते हुए सीधे बिशोई पुलिस स्टेशन जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।


शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की। स्टेशन अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच और आवश्यक मेडिकल परीक्षण पूरे कर लिए गए हैं। आरोपी को जल्द ही POCSO कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सबूतों को मजबूत करने की प्रक्रिया में है।


स्थानीय लोगों का गुस्सा

इस घटना की जानकारी फैलते ही पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। स्थानीय निवासी आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं और बच्ची और उसके परिवार को न्याय दिलाने की अपील कर रहे हैं। कई लोगों ने चिंता जताई है कि आंगनवाड़ी केंद्र जैसी सुरक्षित जगह पर भी ऐसी घटना होना बेहद चिंताजनक है।


विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी बच्चियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता, सीसीटीवी कैमरे और नियमित निगरानी आवश्यक है। पीड़िता के परिवार को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिला प्रशासन ने मामले पर नजर रखने का आश्वासन दिया है। यह मामला एक बार फिर समाज में नाबालिग बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों और उनके संरक्षण की चुनौतियों को उजागर करता है।