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ओडिशा में राज्यसभा चुनाव: बीजेडी और कांग्रेस को झटका, क्रॉस वोटिंग का असर

ओडिशा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव ने बीजेडी और कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। क्रॉस वोटिंग के चलते कई विधायकों ने पार्टी के खिलाफ मतदान किया, जिससे दोनों दलों की रणनीतियाँ ध्वस्त हो गईं। वहीं, बिहार में एनडीए ने सभी सीटों पर जीत हासिल की। जानें इस चुनाव के पीछे की कहानी और इसके प्रभावों के बारे में।
 

राज्यसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव


ओडिशा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव ने राजनीतिक परिदृश्य को अचानक बदल दिया है। बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है। क्रॉस वोटिंग के चलते दोनों दलों की रणनीतियाँ विफल हो गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेडी के आठ और कांग्रेस के तीन विधायकों ने पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय को वोट दिया।


राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान हुआ, जिसमें से तीन सीटों पर बीजेपी की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। वहीं, बीजेडी और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को इस क्रॉस वोटिंग का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक को इस तरह की बगावत की उम्मीद नहीं थी, लेकिन मतदान के बाद कई विधायकों ने पार्टी के खिलाफ वोट देने की बात स्वीकार की।


क्रॉस वोटिंग के पीछे की वजहें

कटक चौद्वार से विधायक सौभिक बिस्वाल ने खुलासा किया कि उन्होंने दिलीप राय को वोट दिया है। उनका कहना है कि यह कदम उनके पिता प्रभात बिस्वाल को पार्टी से बाहर किए जाने का प्रतिशोध है। इसी तरह, बांकी सीट से विधायक देबीरंजन त्रिपाठी ने भी पार्टी के निर्णय के खिलाफ मतदान किया। उनका मानना है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करना बीजेडी की एक बड़ी गलती थी।


बस्ता सीट की विधायक सुबासिनी जेना ने मतदान से पहले पार्टी के निर्देशों का पालन करने की बात कही थी, लेकिन मतदान के समय उन्होंने दिलीप राय के पक्ष में वोट दिया। उल्लेखनीय है कि उनके पति रवींद्र जेना हाल ही में बीजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। इसके अलावा, जयदेव से विधायक नब मल्लिक, बालीगुड़ा के विधायक चक्रमणि कंहर और तिर्तोल के विधायक रमाकांत भोई ने भी पार्टी लाइन से हटकर वोट दिया, जिससे बीजेडी को बड़ा नुकसान हुआ।


बिहार और हरियाणा में चुनाव परिणाम

बिहार में एनडीए ने राज्यसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की। महागठबंधन के चार विधायक मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे, जिसके कारण उनके उम्मीदवार अमरेंद्र सिंह धारी को हार का सामना करना पड़ा। एनडीए की ओर से नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम विजयी घोषित हुए।


हरियाणा में भी राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया है। कुल 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया, जबकि इनेलो के दो विधायकों ने मतदान का बहिष्कार किया। तीन वोटों को लेकर विवाद उत्पन्न होने के कारण मतगणना शुरू नहीं हो सकी है। कांग्रेस के परमवीर सिंह, भरत बेनीवाल और भाजपा के अनिल विज के वोट को लेकर आपत्ति जताई गई है और इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कराई गई है।