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ओमान का प्रयास: अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम

ओमान ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास शुरू किए हैं। विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अलबुसैदी ने विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ बैठक की, जिसमें युद्ध समाप्ति के उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों ने राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार साझा किए हैं। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या कहा गया।
 

ओमान के विदेश मंत्री की बैठक में युद्ध समाप्ति के उपायों पर चर्चा


ओमान के विदेश मंत्री ने कई देशों के राजदूतों से बैठक, युद्ध समाप्त कराने के उपायों पर की चर्चा


US-Iran War News: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर जारी हमलों के कारण, ईरान ने पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों पर बमबारी की है, जिससे पूरा क्षेत्र युद्ध की स्थिति में है। इस टकराव का प्रभाव वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है।


कई देश इस युद्ध को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे लंबे संघर्ष के लिए तैयार हैं। इस बीच, ओमान ने कूटनीतिक प्रयासों के तहत युद्ध को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अलबुसैदी ने विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ बैठक की, जिसमें युद्ध समाप्ति के उपायों पर चर्चा की गई।


बैठक में शामिल देशों के राजदूत

ओमान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, पहली बैठक में गैर-यूरोपीय देशों, अमेरिका, ब्राजील और तुर्की के राजदूत शामिल हुए। इसके बाद, खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों के साथ दूसरी बैठक हुई, जिसमें मिस्र, इराक और जॉर्डन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस बैठक में युद्ध को रोकने और उसके प्रभाव को सीमित करने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विदेश मंत्री अलबुसैदी ने कहा कि मौजूदा स्थिति व्यापक क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की मांग करती है।


डोनाल्ड ट्रंप का युद्ध पर बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे चाहते हैं कि ईरान में ऐसा राष्ट्रपति हो जो देश को युद्ध की ओर न ले जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हर पांच साल में संघर्ष की स्थिति नहीं चाहता। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान का बिना शर्त आत्मसमर्पण तब माना जाएगा जब उसकी सैन्य क्षमता पूरी तरह समाप्त हो जाए। तेल की कीमतों के संदर्भ में, ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि तेल के दाम पहले बढ़ेंगे, लेकिन बाद में गिर भी सकते हैं। ईरान के उस दावे पर कि अमेरिका ने केश्म द्वीप पर जल शोधन संयंत्र को निशाना बनाया, ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।