ओमान के तट पर अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत
समुद्र में अमेरिकी लड़ाकू विमानों का हमला
10 जून को ओमान के तट पर हुआ हमला: ओमान के तट के पास स्थित तेल टैंकर सेटेबेलो पर अमेरिकी नौसेना द्वारा हमले की खबर आई है, जिसमें दो भारतीय नाविकों की जान चली गई है। एक अन्य नाविक अभी भी लापता है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने पुष्टि की है कि दो नाविकों की मौत हो गई है, जबकि एक लापता है। हालांकि, भारत सरकार ने तीनों को लापता बताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की है, लेकिन अमेरिका का नाम नहीं लिया। हाल ही में, भारत ने एक अन्य टैंकर एमटी मैरीवेक्स पर हुए हमले की भी निंदा की थी।
भारत का विरोध
सेटेबेलो पर अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिकी सेना ने सेटेबेलो पर 'प्रिसिजन म्यूनिशन्स' का इस्तेमाल किया, लेकिन जहाज पर मौजूद 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि सेटेबेलो ने ईरान से तेल ले जाते समय नाकाबंदी का उल्लंघन किया। उन्होंने चेतावनी देने के बावजूद जहाज के चालक दल की अनदेखी की। इसके बाद, एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन को निशाना बनाया। इस कार्रवाई का एक वीडियो भी जारी किया गया है।
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएँ
इस हमले के बाद, भारतीय नाविकों की मौत ने खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जेसन मीक्स को तलब किया और इस घटना पर विरोध जताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर रखे हुए है और खोज एवं बचाव अभियान में ओमानी अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है।
सैन्य टकराव की संभावना
सेटेबेलो का इतिहास: सेटेबेलो ने पहले भी मार्च और अप्रैल में चीन की यात्रा की थी। यह अप्रैल के अंत से मई की शुरुआत तक लियानयुंगांग बंदरगाह पर रुका था। अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की थी। इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने में देरी कर रहा है।