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ओमान के तट पर भारतीय जहाज से जुड़ी चिंता: 14 क्रू सदस्यों की सुरक्षा पर सवाल

ओमान के तट पर भारतीय ध्वज वाले जहाज 'विराट 1' से जुड़ी एक घटना ने 14 क्रू सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा तेज हो गई है। जानें रेस्क्यू मिशन और अमेरिकी नौसेना की मदद के बारे में।
 

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच घटना


ओमान के तट के निकट भारतीय ध्वज वाले एक जहाज से जुड़ी घटना ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के बीच चिंता को जन्म दिया है। जहाज पर मौजूद 14 भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जबकि भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। इस घटना ने समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा को भी तेज कर दिया है।


भारतीय दूतावास की जानकारी

मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को बताया कि उसे भारतीय ध्वज वाले मशीनीकृत जहाज 'विराट 1' से संबंधित एक घटना की सूचना मिली है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जहाज पर 14 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे, लेकिन घटना की प्रकृति और कारणों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक साझा नहीं की गई है।


ओमान के तट पर रेस्क्यू मिशन की शुरुआत

सूत्रों के अनुसार, संकट तब उत्पन्न हुआ जब भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक पारंपरिक नाव (धाऊ) ओमान के रास-अल-हद्द से लगभग 80 नॉटिकल मील पूर्व समुद्री क्षेत्र में डूबने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया।


अमेरिकी नौसेना का सहयोग

घटना की सूचना मिलने के बाद अमेरिकी नौसेना ने भी राहत कार्य में मदद की। यूएस नेवी के पी-8 मैरीटाइम पेट्रोल विमान ने प्रभावित जहाज के पास एक लाइफ राफ्ट गिराया, जिससे चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला जा सका। विमान ने पूरे अभियान की निगरानी भी की।


व्यापारिक जहाज की सहायता

बचाव अभियान के दौरान, पास से गुजर रहे सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे वाले व्यापारी जहाज 'एमवी जबल अली 9' को भी सहायता के लिए लगाया गया। जब धाऊ तेजी से डूबने लगी, तब चालक दल के सभी सदस्य लाइफ राफ्ट पर सवार हो गए, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिली।


घटना के कारणों की जांच

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नाव अचानक किस वजह से संकट में आई और डूबने लगी। भारतीय दूतावास, ओमान प्रशासन और संबंधित समुद्री एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।