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ओमान में कमर्शियल जहाज पर हमले से बढ़ी सुरक्षा चिंताएँ

ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस घटना में 28 लोग सवार थे, जिनमें 24 भारतीय शामिल थे। तीन भारतीय लापता हैं, जबकि 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है। ओमान की नौसेना ने बचाव कार्य शुरू किया है, और भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। जानें इस घटना के पीछे की संभावनाएँ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के बारे में।
 

नई दिल्ली में चिंता का विषय


नई दिल्ली: ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न कर दी हैं। इस जहाज पर 28 लोग सवार थे, जिनमें से 24 भारतीय नागरिक थे। इस घटना के बाद से तीन भारतीय लापता हैं, जबकि 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है।


घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, यह घटना 10 जून को ओमान के सोहर बंदरगाह से लगभग 20 नॉटिकल मील की दूरी पर हुई। पलाऊ में रजिस्टर्ड टैंकर 'सेटेबेलो' में कुल 28 क्रू सदस्य थे, जिनमें 24 भारतीय शामिल थे। जहाज के इंजन रूम में आग लगने की सूचना के बाद स्थिति बिगड़ गई। मरीन ट्रैफिक डेटा के अनुसार, जहाज को आखिरी बार 1 जून को ओमान के तट के पास देखा गया था।


राहत और बचाव कार्य

ओमान की नौसेना ने तुरंत जहाज से प्राप्त आपातकालीन संदेश के आधार पर बचाव अभियान शुरू किया। अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि तीन अभी भी लापता हैं। खोज और बचाव कार्य में ओमान के अधिकारी सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। भारतीय दूतावास भी स्थिति पर नजर रखे हुए है और स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क में है।


जांच और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप एम्ब्रे और अन्य समुद्री सुरक्षा स्रोतों ने इस घटना को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जोड़ने की संभावना जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे क्षेत्रीय तनाव का परिणाम बताया है। विदेश मंत्रालय ने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का पालन करने और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।