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ओवैसी का मोहन भागवत के बयान पर कड़ा जवाब

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चों के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने इसे महिलाओं पर अनुचित दबाव बताते हुए बेरोजगारी के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने भागवत के मुस्लिम समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह को भी उजागर किया। इस विवादास्पद बयान पर ओवैसी ने भागवत के तर्कों को चुनौती दी है, जिससे यह मामला और भी गरमाता जा रहा है।
 

ओवैसी का तीखा प्रतिवाद

ओवैसी का मोहन भागवत के बयान पर कड़ा जवाब: एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भागवत ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि हर परिवार को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। ओवैसी ने इस बयान को गलत ठहराते हुए तीखा हमला किया है। 


महिलाओं पर थोपना गलत

ओवैसी ने शुक्रवार को भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय महिलाओं पर तीन बच्चों का दबाव डालना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है, जबकि लोगों को बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा जा रहा है। ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में मुस्लिम समुदाय के प्रति नफरत बढ़ी है।


मुस्लिम जनसंख्या की स्थिति

असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आरएसएस और उसके सहयोगी संगठन मुस्लिम विरोधी विचारधारा फैला रहे हैं। उन्होंने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या वृद्धि दर घट रही है। हिंदुओं की तुलना में मुसलमानों की जनसंख्या केवल 14.23 प्रतिशत है। ओवैसी ने भागवत के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे किसी के पारिवारिक जीवन में हस्तक्षेप करने वाले कौन होते हैं? उन्होंने इसे आरएसएस का दोहरा चरित्र बताया। 


भागवत का तर्क

मोहन भागवत ने RSS के शताब्दी समारोह के समापन पर कहा था कि हर परिवार को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जिन समुदायों में बच्चे कम होते हैं, वे समय के साथ विलुप्त हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों का मानना है कि समय पर विवाह और तीन बच्चों का जन्म परिवार के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। भागवत ने यह भी कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार सिखाने से परिवार में मतभेद नहीं होते।