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ओवैसी का राम मंदिर चंदा विवाद पर विवादास्पद बयान

असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर चंदा विवाद पर एक विवादास्पद टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट में एक मुसलमान को शामिल किया जाता, तो घोटाला उजागर होने पर उसका एनकाउंटर कर दिया जाता। इस बयान ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है और ओवैसी ने योगी सरकार पर कटाक्ष किया है। उनकी यह टिप्पणी एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकती है।
 

राम मंदिर चंदा विवाद पर ओवैसी की टिप्पणी


राम मंदिर चंदा विवाद पर ओवैसी का बयान: अयोध्या में राम मंदिर के चंदा विवाद ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दल भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं कि वे इस मामले में शामिल प्रमुख व्यक्तियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच, एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर कटाक्ष किया है। ओवैसी ने कहा कि यदि ट्रस्ट में एक मुसलमान को शामिल किया जाता, तो घोटाला उजागर होने पर उसका एनकाउंटर कर दिया जाता और मामला खत्म हो जाता।


बिजनौर में एक कार्यक्रम के दौरान, हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने राम मंदिर चंदा विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "अगर उस ट्रस्ट में एक मुसलमान को सदस्य बना लिया जाता और जब घोटाला सामने आता, तो उसे एनकाउंटर कर दिया जाता। उसके घर को बुलडोजर से तोड़ दिया जाता। मामला खत्म..." ओवैसी ने आगे कहा, "चंपत अभी आराम से हैं... आप बताइए, क्या हो रहा है? किसी का घर नहीं तोड़ा जा रहा है, जिनको गिरफ्तार किया गया उनकी पुलिस कस्टडी भी नहीं ली जाती है। शायद मेरे बोलने के बाद पुलिस कस्टडी ले ले। बताओ आज उत्तर प्रदेश में क्या हो रहा है।"


"राम मंदिर ट्रस्ट में एक मुसलमान को शामिल कर लेते। जब घोटाला सामने आता तो उसका एनकाउंटर कर देते। बुलडोजर से उसका घर ढहा देते। केस क्लोज"

AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया।।

अब इन चच्चा की कमी थी, इन्होंने भा अपनी कमी पूरी कर दी। pic.twitter.com/4HN158JSQz

— Ashish Paswan (@ashishpaswan0) June 30, 2026


यह ध्यान देने योग्य है कि ओवैसी ने हमेशा बाबरी मस्जिद के विध्वंस की आलोचना की है। एक राजनेता और वकील के रूप में, उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक और सामाजिक राय व्यक्त की है और मुस्लिम पक्ष का समर्थन किया है। उन्होंने राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय का विरोध किया था और मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ भूमि दिए जाने के फैसले पर भी असहमति जताई थी। अब राम मंदिर चढ़ावे के विवाद पर उनकी टिप्पणी एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकती है।