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ओवैसी ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान के बराबर दर्जा देने पर उठाए सवाल

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव की आलोचना की है, जिसमें वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान जन गण मन के बराबर मानने का निर्णय लिया गया है। ओवैसी का कहना है कि यह देश सभी नागरिकों का है और इसे किसी विशेष धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं के विचारों का भी उल्लेख किया और संविधान सभा में हुई चर्चाओं का हवाला दिया। जानें इस मुद्दे पर उनके विचार और अधिक जानकारी।
 

ओवैसी की आलोचना


एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के उस निर्णय की तीखी आलोचना की है, जिसमें वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान जन गण मन के समकक्ष मानने का प्रस्ताव रखा गया है। ओवैसी का कहना है कि यह देश सभी नागरिकों का है और इसे किसी विशेष धर्म या देवी-देवता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।


सरकार का निर्णय

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही, राष्ट्रीय सम्मान संरक्षण अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है, जिसके तहत वंदे मातरम पर वही नियम लागू होंगे जो वर्तमान में राष्ट्रीय गान पर हैं।


ओवैसी का बयान

Vande Mataram is an ode to a goddess. It cannot be treated on par with the national anthem. Jana Gana Mana celebrates India and its people, not a particular religion. Religion ≠ nation. The man who wrote Vande Mataram was sympathetic to the British Raj and despised Muslims.…


ओवैसी ने इस मुद्दे पर कहा कि धर्म और राष्ट्रवाद को एक साथ नहीं लाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के कई प्रमुख नेताओं, जैसे जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस ने भी इस गीत के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में उपयोग पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना की शुरुआत 'हम भारत के लोग' से होने की बात भी की।


संविधान सभा की चर्चा

ओवैसी ने संविधान सभा में हुई चर्चाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य चाहते थे कि संविधान की शुरुआत किसी ईश्वर या देवी के नाम से हो, लेकिन उन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया गया था।