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कंगना रनौत का पुराना बयान बीएमसी चुनाव परिणामों के बाद फिर से चर्चा में

बीएमसी चुनाव परिणामों के बाद कंगना रनौत का पुराना बयान फिर से चर्चा में आ गया है। सितंबर 2020 में बीएमसी द्वारा कंगना के दफ्तर पर की गई कार्रवाई के बाद उनके द्वारा दिए गए बयान ने अब एक नई रोशनी में जगह बनाई है। ठाकरे परिवार को चुनाव में मिली हार ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जानें कैसे बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन ने चुनाव में बहुमत हासिल किया और कंगना के बयान ने फिर से सुर्खियां बटोरी हैं।
 

मुंबई में बीएमसी चुनाव परिणामों का असर


मुंबई: बीएमसी चुनाव के परिणामों के बाद, सितंबर 2020 में हुई एक घटना फिर से सुर्खियों में आ गई है। उस समय, बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के मुंबई स्थित कार्यालय पर बीएमसी ने कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ की थी। इस घटना के बाद कंगना ने तुरंत मुंबई पहुंचकर उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला किया था।


कंगना का वह बयान अब सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा है। आज, 16 जनवरी को बीएमसी चुनाव के नतीजे घोषित हुए हैं, जिसमें ठाकरे बंधुओं को करारी हार का सामना करना पड़ा है।


कंगना का वायरल वीडियो

कंगना का वीडियो वायरल


बीएमसी की कार्रवाई के बाद, कंगना रनौत ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे को खुली चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, "आज मेरा घर टूटा है, कल तुम्हारा घमंड टूटेगा।" कंगना ने इसे समय का खेल बताते हुए कहा था कि वक्त कभी एक जैसा नहीं रहता। अभिनेत्री ने यह भी कहा, "मुझे पता था कि कश्मीरी पंडितों पर क्या बीती होगी, आज मैंने महसूस किया है... जय हिंद, जय महाराष्ट्र।" उस समय यह बयान काफी विवादों में रहा था और राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा हुई थी। हालांकि, बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कंगना के दफ्तर पर हो रही कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।




ठाकरे परिवार को बड़ा झटका

ठाकरे परिवार को झटका


अब लगभग छह साल बाद बीएमसी चुनाव के परिणामों के बाद कंगना का पुराना बयान एक बार फिर लोगों को याद आ रहा है। 2026 के बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के गठबंधन को बहुमत मिलता नजर आ रहा है। 227 सीटों वाली बीएमसी में बीजेपी गठबंधन लगभग 130 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह नतीजे ठाकरे परिवार के लिए बड़ा झटका माने जा रहे हैं।


मुंबई में बीजेपी का मेयर बनने की संभावना

मुंबई में पहली बार BJP का मेयर?


चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि उद्धव ठाकरे को राज ठाकरे के साथ गठबंधन करने का भी खास फायदा नहीं मिला। माना जा रहा है कि इस गठजोड़ ने उल्टा नुकसान पहुंचाया। राज्य की 29 नगर निगमों में बीजेपी शानदार प्रदर्शन करती दिख रही है। पहली बार ऐसा माना जा रहा है कि मुंबई में बीजेपी का मेयर बनने जा रहा है, जो शिवसेना के गढ़ में बड़ी राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा करता है।


बीजेपी की रणनीति का असर

BJP की सफल रणनीति


इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं ने अपने अभियान का केंद्र 'मराठी मानूस' को बनाया था। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर भारतीय, गुजराती और अन्य समुदायों का बड़ा हिस्सा बीजेपी के पक्ष में मजबूती से खड़ा नजर आया। महायुति ने इन गैर-मराठी वोटरों को अपने साथ जोड़ने में सफलता हासिल की, जबकि ठाकरे गठबंधन का फोकस सीमित रह गया।