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कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में इमरजेंसी का समावेश

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में 1975-77 की इमरजेंसी को शामिल किया है। यह पुस्तक छात्रों को लोकतांत्रिक इतिहास और महत्वपूर्ण घटनाओं से परिचित कराने का प्रयास करती है। इसमें इमरजेंसी के दौरान लागू की गई नीतियों, नागरिकों की भागीदारी, और चुनाव आयोग की भूमिका पर चर्चा की गई है। इसके अलावा, आधुनिक लोकतांत्रिक चुनौतियों जैसे फेक न्यूज और सामाजिक भेदभाव पर भी प्रकाश डाला गया है।
 

नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में इमरजेंसी का विवरण


राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में 1975 से 1977 के बीच लागू इमरजेंसी का विस्तृत विवरण शामिल किया है। इस नई पुस्तक, जिसका शीर्षक 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' है, में इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को देश के लोकतांत्रिक इतिहास और महत्वपूर्ण घटनाओं से अवगत कराना है।


1970 के दशक की चुनौतियाँ

पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि 1970 के दशक में महंगाई, बेरोजगारी और सरकार के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच इमरजेंसी लागू की गई थी। इस दौरान कई मौलिक अधिकारों पर रोक लगाई गई, प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई, और कई राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिया गया। यह अवधि लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए एक कठिन समय के रूप में चित्रित की गई है। पुस्तक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण और उनके नेतृत्व में हुए जन आंदोलन का भी उल्लेख किया गया है।


जनता की भागीदारी और चुनाव

इसमें बताया गया है कि छात्रों और आम नागरिकों की भागीदारी से कई राज्यों में बड़े आंदोलन खड़े हुए। 1977 में हुए आम चुनावों में जनता ने मतदान के माध्यम से अपना निर्णय दिया, जिसे लोकतंत्र की मजबूती का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है। पुस्तक के चुनाव अध्याय में चुनाव आयोग की भूमिका को विस्तार से समझाया गया है, जिसमें कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।


चुनाव आयोग के उपाय

चुनाव आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए EVM, VVPAT, आदर्श आचार संहिता और मतदाता जागरूकता अभियानों जैसे कई उपायों का उपयोग करता है। नई पुस्तक में लोकतंत्र के सामने मौजूद आधुनिक चुनौतियों जैसे फेक न्यूज, सामाजिक भेदभाव, क्षेत्रवाद और लैंगिक असमानता पर भी चर्चा की गई है। इसके अलावा, 'डेमोक्रेसी एंड यू' नामक एक नया सेक्शन जोड़ा गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना है। यह किताब लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक भागीदारी और जागरूक मतदान के महत्व पर विशेष जोर देती है।