कतर ने गैस संयंत्र पर हमले के बाद ईरानी अधिकारियों को निष्कासित किया
कतर में तनाव बढ़ा
कतर में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का आज 20वां दिन है। हाल ही में कतर की गैस सुविधाओं पर हुए हमले के बाद, कतर सरकार ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को देश से निष्कासित करने का निर्णय लिया है। ईरानी मिसाइलों ने कतर के एक महत्वपूर्ण गैस प्रोसेसिंग केंद्र, रास लफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाया, जिससे भारी नुकसान हुआ।
निष्कासन का आदेश
कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान की कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हुए उनके अधिकारियों को 'पर्सोना नॉन ग्रेटा' घोषित किया और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया। मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय ईरान द्वारा कतर पर लगातार हमलों और उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने के जवाब में लिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान की कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 का उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि कतर अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए और भी कदम उठाएगा।
ईरान की धमकी
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि इस्लामी व्यवस्था के खिलाफ किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर रक्त की एक कीमत होती है, जिसे अपराधियों को चुकानी होगी।
ऊर्जा आपूर्ति पर असर
सऊदी अरब ने हाल ही में रियाद को निशाना बनाने वाली चार बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सफलता पाई है। इस तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आ सकती है, क्योंकि तेल की कीमतें बढ़कर लगभग $110 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं।