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कतर में औद्योगिक हादसे के पीड़ित भारतीयों के शव भारत भेजे गए

कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए एक औद्योगिक हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की जान चली गई। भारतीय दूतावास ने सभी शवों को भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके साथ ही, दूतावास ने अस्पताल में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की। कतर और भारत की सरकारें मिलकर घायलों के उपचार और मृतकों के पार्थिव शरीर को स्वदेश भेजने में सहयोग कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर को संवेदना के लिए धन्यवाद दिया।
 

कतर में औद्योगिक दुर्घटना का दुखद परिणाम

नई दिल्ली/दोहा: कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए एक औद्योगिक हादसे में जान गंवाने वाले सभी 12 भारतीय नागरिकों के शव अब भारत भेज दिए गए हैं। भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दूतावास के अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती घायल भारतीय श्रमिकों से भी मुलाकात की।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, दूतावास ने बताया कि रास लफ्फान दुर्घटना में मारे गए आठ भारतीयों के शव 26 जून को भारत भेजे गए, जबकि चार अन्य शव पहले ही 25 जून को भेजे जा चुके थे।


दूतावास ने शवों को स्वदेश भेजने में मदद करने वाले सभी संबंधित पक्षों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "भारतीय दूतावास, दोहा कतर के अधिकारियों, भारतीय सामुदायिक संगठनों और भारत में सरकारी अधिकारियों को उनके त्वरित सहयोग के लिए धन्यवाद देता है।"


घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए, दूतावास ने बताया कि उसके अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती भारतीय नागरिकों से मुलाकात की। दूतावास ने कहा, "राजदूत और दूतावास के अधिकारियों ने अल खोर में भर्ती कुछ घायल भारतीय नागरिकों से मुलाकात की। सभी घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए दूतावास कतर के अधिकारियों और नियोक्ता कंपनी के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करता है।"


रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए इस औद्योगिक हादसे में 12 भारतीय नागरिकों समेत कई मजदूरों की जान गई। भारत और कतर की सरकारों ने मिलकर घायलों के उपचार और मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया को पूरा किया।


कतर के गृह मंत्रालय के अनुसार, रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में एक फैक्ट्री में तकनीकी खराबी के कारण 13 लोगों की मौत हुई और 66 अन्य घायल हुए। मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।


कतर ऊर्जा मंत्रालय ने एक्स पर एक बयान में कहा कि रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में स्टार्ट-अप के दौरान एक ऑपरेशनल घटना हुई, जिसके कारण 21 जून, 2026 को बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में धमाका हुआ और आग लग गई।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी को फोन कॉल के लिए धन्यवाद दिया और कतर में हुए हादसे में भारतीय नागरिकों की मौत पर संवेदना व्यक्त की।


प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए दुखद हादसे में भारतीय नागरिकों की मौत पर उनके फोन कॉल और संवेदना के लिए कतर के अमीर को धन्यवाद देता हूं। हम उन परिवारों के दुख में शामिल हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।"


उन्होंने यह भी कहा कि भारत और कतर अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कठिन समय में एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प लेते हैं।