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कतर में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास ने जारी की एडवाइजरी

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के चलते कई भारतीय नागरिक कतर में फंसे हुए हैं। भारत सरकार इन नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में है। कतर के दूतावास ने फंसे हुए नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें जानकारी और एक फॉर्म का लिंक शामिल है। इस बीच, कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष जारी रहा, तो खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा निर्यातकों को 'फोर्स मेज्योर' घोषित करना पड़ सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है।
 

पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की स्थिति

नई दिल्ली: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पश्चिम एशिया में कई भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। भारत सरकार विभिन्न देशों की सरकारों के सहयोग से इन लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रही है। हालात की गंभीरता के कारण यह कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है। इस बीच, कतर में भारतीय दूतावास ने वहां फंसे नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है।


एडवाइजरी में दी गई जानकारी

कई भारतीय नागरिक जो शॉर्ट टर्म वीजा पर कतर पहुंचे थे, वे वर्तमान स्थिति के कारण वहां फंस गए हैं। दूतावास ने एक फॉर्म का लिंक भी साझा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया है, “जो भारतीय नागरिक 28 फरवरी से 7 मार्च 2026 के बीच फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण कतर में फंसे हैं, उन्हें अपनी जानकारी यहां दिए गए लिंक पर भरने के लिए कहा जाता है। यह जानकारी केवल उन नागरिकों की सही संख्या और विवरण जानने के लिए आवश्यक है जो कतर में स्थायी निवासी नहीं हैं।”


ऊर्जा मंत्री की चेतावनी

मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच, कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि यदि यह संघर्ष कुछ और दिनों तक जारी रहता है, तो खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा निर्यातकों को ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित करना पड़ सकता है। इससे तेल और गैस की आपूर्ति में रुकावट आ सकती है और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है। यदि कोई तेल कंपनी युद्ध या प्राकृतिक आपदा के कारण सप्लाई नहीं कर पाती है, तो वह फोर्स मेज्योर का दावा कर सकती है और उसे अनुबंध के उल्लंघन का दोषी नहीं माना जाएगा।


कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए एक इंटरव्यू में, साद अल-काबी ने कहा कि यदि मौजूदा हालात बने रहे, तो खाड़ी क्षेत्र के सभी निर्यातकों को फोर्स मेज्योर घोषित करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि जो कंपनियां ऐसा नहीं करेंगी, उन्हें कानूनी रूप से गंभीर दायित्वों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि टैंकर और अन्य जहाज जलडमरूमध्य से गुजरने में असमर्थ रहते हैं, तो अगले दो से तीन हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।


ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई में तेजी

इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में लगभग 20 प्रतिशत और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 89 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा था, जबकि डब्ल्यूटीआई 5 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। दोनों बेंचमार्क अप्रैल 2024 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर हैं।


कतर का एलएनजी संयंत्र प्रभावित

कतर, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी उत्पादक है, ने इस सप्ताह फोर्स मेज्योर घोषित किया है, जब ईरानी ड्रोन हमले में उसके रस लाफान एलएनजी संयंत्र को नुकसान पहुंचा। यह संयंत्र कतर का सबसे बड़ा एलएनजी प्लांट है और हमले के बाद हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।