×

कनाडा के प्रधानमंत्री का अमेरिका को कड़ा संदेश: नियम-आधारित व्यवस्था समाप्त

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया कि नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। उन्होंने शक्तिशाली देशों के आर्थिक एकीकरण के दुरुपयोग पर चिंता जताई और ग्रीनलैंड के मुद्दे पर कनाडा के समर्थन की पुष्टि की। कार्नी ने नाटो के प्रति कनाडा की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ट्रंप की नीतियों की आलोचना की। जानें इस महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दे के बारे में और क्या कहा गया।
 

दावोस में वैश्विक तनाव का नया अध्याय

दावोस: ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की कोशिशों के चलते वैश्विक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। इस संदर्भ में, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक स्पष्ट संदेश दिया। कार्नी ने कहा कि अब दुनिया में 'नियम-आधारित व्यवस्था' समाप्त हो चुकी है। हालांकि उन्होंने ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा स्पष्ट था। उन्होंने चेतावनी दी कि शक्तिशाली देश अब आर्थिक एकीकरण को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।


आर्थिक एकीकरण का दुरुपयोग

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, पीएम कार्नी ने वैश्विक मंच पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की दुनिया में शक्तिशाली राष्ट्र अपने निजी हितों के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था और एकीकरण का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था' अब प्रभावी रूप से समाप्त हो चुकी है, और इसे लेकर कोई भी चर्चा अब व्यर्थ है। कार्नी ने मध्यम शक्ति वाले देशों से अपील की कि वे आक्रामक महाशक्तियों के खिलाफ एकजुट हों।


ग्रीनलैंड के समर्थन में कनाडा

अमेरिका द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देकर ग्रीनलैंड पर अधिकार जमाने के दावों से आर्कटिक क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस मुद्दे पर कनाडा ने स्पष्ट रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि कनाडा ग्रीनलैंड के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड एक अर्ध-स्वायत्त द्वीप है और उसके भविष्य का निर्णय केवल वहां के लोगों और डेनमार्क के पास है, अमेरिका के पास नहीं। उन्होंने कहा कि महाशक्तियों की धमकियों का सामना करने के लिए नए गठबंधन बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।


नाटो के प्रति कनाडा की प्रतिबद्धता

कार्नी ने अपने भाषण में नाटो का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कनाडा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर नाटो के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। नाटो की संयुक्त रक्षा धारा और अनुच्छेद 5 के प्रति कनाडा की प्रतिबद्धता पूरी तरह से 'अटल' है। उन्होंने विश्व नेताओं से कहा कि अब व्यवस्था को वैसा ही कहा जाना चाहिए जैसा वह वास्तव में बन गई है— एक ऐसा दौर जहां ताकतवर देश अपनी मर्जी थोप रहे हैं।


मैक्रों का ट्रंप पर हमला

कार्नी के संबोधन से कुछ घंटे पहले, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ट्रंप की नीतियों पर तीखा हमला किया। मैक्रों ने ट्रंप की व्यापार रणनीति और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकियों की आलोचना की। उन्होंने भी कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड हासिल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। कूटनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक नक्शे की तस्वीर साझा की, जिसमें ग्रीनलैंड और कनाडा दोनों पर अमेरिकी झंडा लगा हुआ था। इस पर मैक्रों ने कहा कि बड़े राष्ट्रों की ज्यादती के सामने देशों को एकजुट होकर चलने की आवश्यकता है।