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कनाडा ने वसूली और संगठित अपराध से जुड़े चार भारतीय नागरिकों को किया निर्वासित

कनाडा ने वसूली और संगठित अपराध से जुड़े चार भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया है। ये सभी युवक पंजाबी हैं और उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने बताया कि 3 सितंबर 2026 तक 111 लोगों को वसूली से संबंधित मामलों में देश से निकाला गया है। इस लेख में जानें इन चार मामलों की विस्तृत जानकारी और कनाडा की कार्रवाई के पीछे के कारण।
 

कनाडा की वसूली पर सख्त कार्रवाई


कनाडा ने वसूली और संगठित अपराध से संबंधित गतिविधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने चार भारतीय नागरिकों को देश से निर्वासित किया है। ये सभी युवक पंजाबी हैं। एजेंसी के अनुसार, इन पर इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी प्रोटेक्शन एक्ट (IRPA) के तहत गंभीर अपराधों और संगठित आपराधिक गतिविधियों के आरोप हैं। CBSA ने बताया कि जिन चार व्यक्तियों का नाम लिया गया है, उनमें पालविंदर सिंह, जस्मेर सिंह, अमितोज बाजवा और साहिबजोत सिंह शामिल हैं।


क्या है चारों मामलों की जानकारी?

CBSA के अनुसार, पालविंदर सिंह का नाम 2025 में हुई एक वसूली से संबंधित गोलीबारी की घटना में आया था। IRB ने उसे वसूली से जुड़ी हिंसा वाले आपराधिक संगठन का सदस्य मानते हुए IRPA के तहत अयोग्य ठहराया और उसे कनाडा से हटा दिया।


जस्मेर सिंह को कनाडा में जबरन बंधक बनाने के मामले में दोषी पाया गया था। CBSA के अनुसार, उसे गंभीर आपराधिकता के आधार पर IRPA के तहत अयोग्य ठहराया गया और उसके खिलाफ निर्वासन आदेश जारी किया गया।


अमितोज बाजवा के मामले में IRB ने उसे एक ऐसे संगठन का सदस्य पाया, जो लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न था। CBSA के अनुसार, उसका नाम हथियारों से संबंधित गतिविधियों और वसूली से जुड़ी गोलीबारी की घटनाओं में भी आया था, जिसके बाद उसे कनाडा से निर्वासित किया गया।


साहिबजोत सिंह को एक आपराधिक संगठन से जुड़े होने के आधार पर IRPA के तहत अयोग्य पाया गया। CBSA के अनुसार, उसने उन अपराधों में शामिल होने की बात स्वीकार की थी, जो उस संगठन की आपराधिक गतिविधियों का हिस्सा थे।


3 सितंबर तक 111 लोगों का निर्वासन

CBSA के अनुसार, 3 सितंबर 2026 तक वसूली से संबंधित मामलों में 188 रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए थे, जिनमें से 111 लोगों को कनाडा से निकाला जा चुका है। पैसिफिक क्षेत्र से 58, प्रेयरीज क्षेत्र से 30 और ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) से 23 लोगों को हटाया गया है। CBSA ने बताया कि वह उन विदेशी नागरिकों के मामलों की जांच कर रही है, जिनका वसूली या संगठित अपराध से संबंध है और जो कनाडा के इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करते हैं।


विशेष निगरानी की शुरुआत

CBSA ने अगस्त 2025 में वसूली से जुड़े इमिग्रेशन मामलों की विशेष निगरानी शुरू की थी। शुरुआत में इसका ध्यान पैसिफिक और प्रेयरीज क्षेत्रों पर था, लेकिन बाद में इसे ग्रेटर टोरंटो एरिया तक बढ़ा दिया गया। एजेंसी पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर इन मामलों की जांच करती है। जब किसी विदेशी नागरिक के आपराधिक या संगठित अपराध से जुड़े होने की जानकारी मिलती है और वह इमिग्रेशन कानून के तहत अयोग्य पाया जाता है, तो CBSA उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।


2025 में 23,160 लोगों का निर्वासन

कनाडा की सीमा एजेंसी ने बताया कि 2025 में 23,160 ऐसे लोगों को देश से हटाया गया, जिन्हें कनाडा में रहने के लिए अयोग्य पाया गया था। इनमें से 1,010 लोग गंभीर आपराधिकता, राष्ट्रीय सुरक्षा, युद्ध अपराध या मानवाधिकार उल्लंघन, संगठित अपराध और अन्य गंभीर मामलों से जुड़े थे। CBSA वर्तमान में हर सप्ताह लगभग 400 अयोग्य लोगों को कनाडा से हटा रही है। सरकार ने एजेंसी की क्षमता बढ़ाने के लिए 2025 के बॉर्डर प्लान के तहत 30.4 करोड़ कनाडाई डॉलर का प्रावधान किया है, जिसका लक्ष्य हर साल 20,000 निर्वासन पूरा करना है।