कनाडा में शानदार करियर छोड़कर हिमाचल में नई शुरुआत करने वाला दंपति
धर्मशाला में एक साहसिक निर्णय
धर्मशाला: विदेश में उच्च वेतन, शानदार जीवनशैली और भविष्य की सुरक्षा के बावजूद, कुछ लोग अपने जीवन को अपनी शर्तों पर जीने का साहसिक निर्णय लेते हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक कदम उठाया है भारत के एक युवा दंपति ने। दीप्ति नायर और उनके पति धनंजय मोरे ने कनाडा में लगभग चार साल बिताने और 1.3 करोड़ रुपये का संयुक्त वार्षिक पैकेज कमाने के बाद कॉर्पोरेट नौकरी को छोड़कर हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पहाड़ी कस्बे बीर में बसने का निर्णय लिया। अब यह जोड़ा पहाड़ों की वादियों में अपने व्यवसाय को संवारते हुए एक शांतिपूर्ण जीवन जी रहा है।
कनाडा से लौटने की कहानी
2020 में कनाडा गए, परिवार के करीब रहने की चाह ने खींचा वापस
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में, दंपति ने अपने इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वे 2020 में कनाडा गए थे। वहां धनंजय टेक सेल्स में उच्च पद पर कार्यरत थे, जबकि दीप्ति एक प्रमुख अमेरिकी विज्ञापन एजेंसी में मार्केटिंग स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में काम कर रही थीं। चार वर्षों में, उन्होंने न केवल बेहतरीन कमाई की, बल्कि एक मजबूत वित्तीय बचत भी बनाई।
हिमाचल प्रदेश का बीर क्यों चुना?
कोविड महामारी के दौरान बीर की यात्रा ने बदला जीवन
दीप्ति और धनंजय ने कोविड महामारी के दौरान हिमाचल प्रदेश के बीर की यात्रा की। वहां के शांत वातावरण और हरी-भरी वादियों ने उन पर गहरा प्रभाव डाला। जब उन्होंने कनाडा छोड़ने का निर्णय लिया, तो उन्होंने मुंबई या दिल्ली जैसे बड़े शहरों में बसने के बजाय बीर की खूबसूरत वादियों को अपना नया ठिकाना चुना। उनका उद्देश्य केवल स्थान बदलना नहीं था, बल्कि एक ऐसा जीवन जीना था जिसमें काम के साथ-साथ अपने शौक और सपनों के लिए भी समय मिल सके।
Aahista Stays: नया व्यवसाय
₹22 लाख के बैकअप से शुरू किया होमस्टे, 6 महीने में ₹7 लाख की कमाई
इस जोड़े ने पहाड़ों में नई जिंदगी शुरू करने के लिए एक ठोस वित्तीय योजना बनाई। उन्होंने अपने भविष्य के लिए 22 लाख रुपये का फंड अलग रखा, जिसमें से लगभग 10 लाख रुपये का निवेश कर 'Aahista Stays' नाम से एक बुटीक होमस्टे शुरू किया। दीप्ति ने बताया कि शुरुआती छह महीनों में ही उनके होमस्टे ने करीब 7 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया है। हालांकि यह कमाई अभी उनके पूरे जीवन को वित्तीय रूप से सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन यह रोजमर्रा के खर्चों को निकालने और भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर काम करने का हौसला जरूर दे रही है।
रिमोट जॉब और कंटेंट क्रिएशन
कमाई के नए रास्ते
कनाडा की नौकरी छोड़ने का मतलब यह नहीं था कि उनकी कमाई का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। धनंजय वर्तमान में एक अमेरिकी कंपनी के साथ रिमोटली काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित आय मिल रही है। वहीं, दीप्ति कंटेंट क्रिएशन और अन्य क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स के जरिए अपना नया करियर बना रही हैं। उन्होंने कंटेंट क्रिएशन से स्थायी आय बनाने के लिए अगले साल अप्रैल तक का समय निर्धारित किया है।
शांत जीवन के फायदे और नुकसान
सुकून के साथ समझौते
दीप्ति के अनुसार, बीर जैसे शांत कस्बे में रहने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यहां जीवन का खर्च महानगरों की तुलना में काफी कम है। हालांकि, इस सादगी भरे जीवन के कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं। उन्हें बड़े शहरों के आधुनिक शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल और पुराने दोस्तों से दूर रहने का मलाल होता है। इस दंपति की कहानी यह दर्शाती है कि करोड़ों का पैकेज छोड़कर अपने दिल की सुनने के लिए केवल भावुकता नहीं, बल्कि पुख्ता बचत, वैकल्पिक आय और एक ठोस बैकअप योजना की भी आवश्यकता होती है।