×

कपिल सिब्बल के बयान पर बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया

कपिल सिब्बल ने हाल ही में एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने भारत में रहने पर शर्मिंदगी व्यक्त की। इस पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी, आरोप लगाते हुए कि सिब्बल भारत से नफरत करते हैं। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सिब्बल की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि राजनीतिक मतभेद होना स्वीकार्य है, लेकिन देश के प्रति नफरत क्यों? इस विवाद में अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का भी जिक्र किया गया है।
 

कपिल सिब्बल का विवादास्पद बयान

प्रसिद्ध वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रविवार को एक ऐसा बयान दिया, जिसने बीजेपी को नाराज कर दिया। सिब्बल ने कहा कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है, जहां सत्ताधारी पार्टी लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। इस बयान पर बीजेपी ने सिब्बल पर तीखा हमला किया।


बीजेपी की आलोचना

बीजेपी ने सिब्बल पर आरोप लगाया कि वह भारत से नफरत करते हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि सिब्बल 2021 में पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर चुप रहे।


बीजेपी की प्रतिक्रिया

सिब्बल ने यह बयान तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के संदर्भ में दिया था। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो में कहा कि सिब्बल ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में वकालत करके करोड़ों रुपये कमाए हैं, फिर भी वह भारत में रहने पर शर्म महसूस करते हैं।


सिब्बल की चुप्पी पर सवाल

पूनावाला ने कहा, 'कपिल सिब्बल का कहना है कि उन्हें भारत में रहने पर शर्म आती है। सवाल यह है कि जब 2021 में चुनाव बाद हिंसा हुई और कथित तौर पर 300 से अधिक बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई, तब सिब्बल ने एक शब्द नहीं कहा। यही कपिल सिब्बल आरजी कर और संदेशखालि जैसे मामलों में भी चुप रहे।'


भारत से नफरत का सवाल

पूनावाला ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होना स्वीकार्य है, लेकिन कुछ विपक्षी नेताओं की प्रवृत्ति बीजेपी के विरोध में देश को निशाना बनाने की है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी का विरोध करना एक बात है, लेकिन भारत का विरोध क्यों? आप राजनीतिक मतभेद रख सकते हैं, लेकिन भारत से नफरत क्यों?'


अभिषेक बनर्जी पर हमला

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के संदर्भ में पूनावाला ने कहा कि किसी ने भी उनके साथ हुई बदसलूकी या हमले को सही नहीं ठहराया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के तृणमूल कांग्रेस से संबंध होने की बात सामने आई है।