कपूरथला में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकने के लिए समिति की पहली बैठक
महिलाओं के यौन उत्पीड़न के खिलाफ समिति की बैठक
कपूरथला: सरदार स्वर्ण सिंह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिन्यूएबल एनर्जी (एस.एस.एस.-एन.आई.आर.ई.) में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत आंतरिक शिकायत समिति की पहली बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता डॉ. संगीता गर्ग (एन.आई.टी. जालंधर) ने की।
बैठक में ‘अजीत’ प्रकाशन समूह की वरिष्ठ कार्यकारी श्रीमती गुरजोत कौर ने बाहरी सदस्य के रूप में भाग लिया। इसके अतिरिक्त, संस्थान से डॉ. अनिल कुमार शर्मा (वैज्ञानिक-ई), डॉ. आशीष बोहड़े (वैज्ञानिक-डी) और गुरप्रीत सिंह (प्रशासनिक सहायक) सदस्य सचिव के रूप में उपस्थित रहे। प्रारंभ में, डॉ. आशीष बोहड़े ने सभी सदस्यों का स्वागत किया और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित कानून एवं समिति की जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि समिति के गठन के बाद से संस्थान में किसी भी महिला कर्मचारी, संविदा कर्मी, परियोजना स्टाफ, शोधार्थी, प्रशिक्षु, आगंतुक या कार्यस्थल से जुड़ी किसी भी महिला द्वारा यौन उत्पीड़न संबंधी कोई शिकायत नहीं आई है। इसलिए इस बैठक में कोई जांच का मामला नहीं रखा गया।
विचार-विमर्श के बाद, समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अगली बैठक में सभी महिला कर्मचारियों को आमंत्रित किया जाएगा और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाने हेतु सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित किया जाएगा। समिति ने यह भी अनुशंसा की कि कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों को जागरूक करने के लिए पंपलेट और ब्रोशर वितरित किए जाएं, संस्थान के प्रमुख स्थानों पर सूचना बोर्ड/फ्लेक्स लगाए जाएं, और शिकायतों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त स्थान पर शिकायत पेटी स्थापित की जाए। बैठक में यह भी तय किया गया कि आंतरिक शिकायत समिति समय-समय पर संस्थान में यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी नियमों के अनुपालन की नियमित समीक्षा करती रहेगी।