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कराची में बकरीद के बाद की भयावह स्थिति: 1.42 लाख टन कचरा

पाकिस्तान के कराची में बकरीद के बाद की स्थिति बेहद चिंताजनक है। शहर में 1.42 लाख टन कचरा बिखरा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की लापरवाही और राजनीतिक विवाद ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया है। जानें इस मुद्दे पर क्या हो रहा है और स्थानीय लोगों की क्या प्रतिक्रिया है।
 

कराची की बकरीद के बाद की स्थिति

कराची: पाकिस्तान के आर्थिक केंद्र कराची से एक चौंकाने वाली खबर आई है। बकरीद के त्योहार के बाद, शहर में कचरे का अंबार लग गया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस त्योहार के बाद, शहर की सड़कों, गलियों और चौराहों पर पशुओं के अवशेष और मांस के टुकड़े बिखरे पड़े हैं। भीषण गर्मी और उमस के कारण इन अवशेषों में सड़न आ गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भयानक बदबू फैल गई है, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।


कचरे की चौंकाने वाली मात्रा

केवल एक शहर में 1.42 लाख टन कचरा


सिंध सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बोर्ड (SSWMB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बकरीद के बाद कराची से 1,42,816 टन से अधिक पशु अवशेष डंपिंग यार्ड में भेजे गए। इनमें से 64,122 टन केवल पशुओं के कटे हुए अंग थे। यह स्थिति केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि वास्तविकता में भी बेहद गंभीर है।


रिहायशी इलाकों में समस्याएं

रिहायशी इलाकों में सांस लेना आफत


एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने सफाई अभियान चलाने का दावा किया था, लेकिन कराची के अधिकांश रिहायशी इलाके आज भी साफ-सुथरे नहीं हैं। गर्मी और नमी के कारण सड़कों पर पड़े मांस के टुकड़े तेजी से सड़ रहे हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है।


राजनीतिक विवाद

43 अरब का भारी-भरकम बजट खा गए अफसर?


इस स्थिति को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ पार्टी के पास सफाई व्यवस्था के लिए 43 अरब पाकिस्तानी रुपए का बजट था, फिर भी जनता को अपने मोहल्ले साफ कराने के लिए निजी सफाईकर्मियों को पैसे देने पड़ रहे हैं।