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कर्णप्रयाग विवाद के बाद नगरासू गुरुद्वारे में तनाव, पुलिस की कार्रवाई जारी

कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद के बाद नगरासू गुरुद्वारे में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पुलिस और आईटीबीपी की टीमें निहंगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं, जबकि स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि निहंगों ने मारपीट की। इस घटना के बाद इंटरनेट सेवा भी बाधित कर दी गई है। गृह सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
 

नगरासू गुरुद्वारे में तनाव की स्थिति

कर्णप्रयाग: 16 जून को कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद, चमोली जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में तनाव उत्पन्न हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और आईटीबीपी की टीमें मौके पर तैनात हैं और निहंगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन वे बाहर आने के लिए तैयार नहीं हैं। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है।


स्थानीय लोगों के आरोप

स्थानीय निवासियों का कहना है कि निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार और एक बाबा के साथ मारपीट की। इसके अलावा, उन्होंने एक व्यक्ति को कुछ समय के लिए बंधक भी बनाया, जिसे बाद में छोड़ दिया गया।


घटना का विवरण

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और उनके हाथों में पत्थर थे, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि उनकी नाराजगी कर्णप्रयाग में हाल ही में हुई एक घटना को लेकर थी।


प्रशासन की प्रतिक्रिया

निहंगों का आरोप है कि स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन ने इस मामले में कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसी कारण उन्होंने नगरासू गुरुद्वारे में प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि गुरुद्वारे में लगे कुछ सूचना पट्ट हटा दिए गए।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल और आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया। प्रशासनिक अधिकारी लगातार घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।


गृह सचिव का बयान

गृह सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट होता है कि मामला दो पक्षों के बीच विवाद और भावनात्मक आवेश से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति सम्मान, शांति और सौहार्द की रही है।


जांच और शिकायत निवारण व्यवस्था

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईजी गढ़वाल को निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने कहा है कि सभी पक्षों को सुनने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं और यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।


सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं

गृह सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से संयम बनाए रखने और किसी भी शिकायत के लिए प्रशासन से संपर्क करने की अपील की।