कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी: डीके शिवकुमार का गवर्नर से मिलना
कर्नाटक में राजनीतिक हलचल
कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने शनिवार को बेंगलुरु में गवर्नर थावर चंद गहलोत से मुलाकात की। यह बैठक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियों के बीच हुई, और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की महत्वपूर्ण बैठक से पहले आयोजित की गई।
सीएलपी बैठक का महत्व
शिवकुमार का यह दौरा कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि पार्टी आज शाम 4 बजे नेतृत्व और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सीएलपी की बैठक आयोजित कर रही है। यह बैठक गवर्नर द्वारा सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद हो रही है।
बैठक में पर्यवेक्षकों की भूमिका
सिद्धारमैया को तब तक मुख्यमंत्री बने रहने का अनुरोध किया गया है जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती। शिवकुमार ने बताया कि सीएलपी की बैठक पार्टी पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में होगी, जो अंतिम निर्णय लेने से पहले कांग्रेस आलाकमान से सलाह करेंगे।
सिद्धारमैया का इस्तीफा
नेतृत्व परिवर्तन के संदर्भ में उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर निर्णय सीएलपी नेता के चुनाव के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि विधायक दल के नेता का चुनाव कब होगा। यह घटनाक्रम तब हो रहा है जब सिद्धारमैया ने 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दिया।
सिद्धारमैया का बयान
सिद्धारमैया ने कहा कि उनका इस्तीफा पूरी तरह से उनकी अपनी मर्जी पर आधारित है और उन्होंने पार्टी आलाकमान के सुझाव पर यह कदम उठाया है। शिवकुमार ने इससे पहले नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी।
भाजपा का हमला
विपक्षी भाजपा ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है, आरोप लगाते हुए कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच आपसी कलह का असर कर्नाटक के शासन-प्रशासन पर पड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा कि शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।